Grooming Gang: ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग का आतंक, जाल में फंसाकर बच्चियों का करते थे यौन शोषण

Grooming Gang: ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग का आतंक छाया हुआ है. पिछले तीन दशक से पुरुषों के गैंग गोरी नाबालिग लड़कियों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर अपनी चंगुल में फंसाते और उनका यौन शोषण करते थे.

Grooming Gang: ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग के आतंक का खुलासा अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने की थी. उन्होंने इसके लिए ब्रिटेन की सरकार की आलोचना भी की. इस गैंग में अधिकांश पाकिस्तानी शामिल हैं, जो ब्रिटेन की कामकाजी बच्चियों को अपनी जाल में फंसाते और उनका यौन शोषण करते थे. मस्क ने दावा किया है कि 2008 से 2013 के बीच ग्रूमिंग गैंग ने हजारों गोरी लड़कियों का यौन शोषण किया था.

ग्रूमिंग गैंग बच्चियों को कैसे अपनी जाल में फंसाते हैं

ग्रूमिंग गैंग बच्चियों को महंगी और चमचमाती कार से पहले अपनी ओर आकर्षित करते हैं. फिर गर्लफ्रेंड बनाते हैं. नाबालिग बच्चियों को सैर-सपाटे की लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं और उनका यौन शोषण करते हैं. टैक्सी चलाने वाले पाकिस्तानी देर रात बाहर रहने वाली लड़कियों को अपना निशाना बनाते हैं. बीबीसी ने 2023 में इस गैंग के पैटर्न का खुलासा किया था. बच्चियों को शराब और नशीली दवाओं की लत लगाई जाती है, फिर उनकी तस्करी की जाती है. ग्रूमिंग गैंग की शिकार एक लड़की ने मीडिया के सामने बयान दिया था, जिसमें उसने बताया था कि ग्रूमिंग गैंग के लोग उसके पास आते थे और कार में बैठाकर रात भर या उससे अधिक समय के लिए अपने साथ ले जाते थे. उसे शराब और ड्रग्स की लत लग गई थी.

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लड़कियों को जान से मारने की धमकी दी जाती है

पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग का आतंक किस तरह होगा, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि वो जिन लड़कियों को अपनी जाल में फंसाते थे, इनकार करने पर उनकी हत्या भी कर दी जाती थी. कुछ को तो जिंदा जला भी दिया गया. लड़कियों पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव दिया जाता है.

2001 में आया था पहला मामला

ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा पहला मामला 2001 में आया था. रॉदरहैम की पुलिस और जिला परिषद ने उसपर संज्ञान लिया था. जिसमें टैक्सी ड्राइवरों के गैंग का पता चला था. सभी को सजा दिलाने में 10 वर्षों का समय लग गया था. जिन 11 लोगों को सजा मिली थी, उसमें सभी पाकिस्तानी मूल के लोग थे. टाइम्स के अनुसार मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद पुलिस और बाल सुधार एजेंसियां उन्हें सजा नहीं दिलवायी.

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76 ग्रूमिंग गैंग ने हजारों नाबालिग का किया यौन शोषण

डेली मेल अखबार ने ग्रूमिंग गैंग के आतंक और बच्चियों के यौन शोषण को लेकर एक नक्शा छापा था, जिसमें बताया गया कि 41 शहरों में 76 ग्रूमिंग गैंग ने करीब एक हजार से अधिक नाबालिगों का यौन शोषण और व्यापार किया. बड़ी बात है कि इन मामलों में अबतक केवल 396 आरोपियों को ही सजा मिली है.

मस्क ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पर लगाया गंभीर आरोप

ग्रूमिंग गैंग और नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण को लेकर एलन मस्क ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और सुरक्षा मंत्री जैस फिलिप्स की आलोचना की और मामले में मिलीभगत होने का आरोप लगाया. हालांकि पीएम कीर स्टारमर ने मस्क पर ही गलत बयानी करने का आरोप लगा दिया.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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