Video : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी मौजूदा तैनाती से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में साफ कहा कि हमास के पूरी तरह निहत्था होने तक गाजा से सेना हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
इस बयान से Board of Peace की उस प्लान पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें इजरायल को गाजा में अपनी सेना को पहले वाली येलो लाइन तक वापस ले जाने की बात कही गई है. इजरायल अक्टूबर 2025 के युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौते के तहत वहां तक पीछे हटा था, लेकिन बाद में उसने गाजा के 53% से बढ़ाकर 60% से अधिक हिस्से पर अपना कंट्रोल कर लिया.
Board of Peace प्लान में क्या है?
Board of Peace प्लान के मुताबिक, जब हमास हथियार सौंपने की प्रक्रिया शुरू करेगा, तभी इजरायल को अपनी सेना येलो लाइन तक पीछे ले जाना होगा. लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि इजरायली सेना फिलहाल अपनी मौजूदा स्थिति से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेगी.
"राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम का मानना है कि हमास को हथियार छोड़ने और गाजा को सैन्य गतिविधियों (सेना का हटना) से मुक्त कराने के लिए राजी किया जा सकता है. उन्होंने हमें इस संबंध में एक मसौदा भेजा था, लेकिन हमने उसे स्वीकार नहीं किया. वह हमारा मसौदा नहीं था. हमने उस पर अपनी टिप्पणियां और सुझाव वापस भेज दिए हैं." - इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
The Times of Israel ने अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से खबर दी है. अधिकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय गाजा शांति योजना का हिस्सा है. इजरायल इस योजना को पहले ही स्वीकार कर चुका है. इसलिए अमेरिका का कहना है कि इजरायल से सिर्फ पहले से मंजूर प्लान का पालन करने को कहा जा रहा है.
