Bangladesh Violence: हिंदुओं के खिलाफ जारी हमले के बीच आया शेख हसीना का पहला बयान, कहा- न्याय चाहिए

Bangladesh Violence: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और हमले के बीच पहली बार बयान जारी किया है. उन्होंने देश छोड़ने के बाद पहली बार कहा- उन्हें न्याय चाहिए.

Bangladesh Violence: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद छोड़ने के बाद अपने पहले बयान में कहा, मुझे न्याय चाहिए. उन्होंने अपनी पार्टी अवामी लीग के नेताओं, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के खिलाफ हिंसा को आतंकवादी हमला करार दिया. हसीना ने कहा, मैं मांग करती हूं कि हाल में बांग्लादेश में हुई हत्याओं और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की उचित जांच करायी जाए और उन्हें सजा दी जाए.

हसीना के बेटे साजिब वाजेद जॉय ने एक्स पर पोस्ट कर जारी किया बयान

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद जॉय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर शेख हसीना की ओर से एक बयान जारी किया. पोस्ट में लिखा, मैं आपसे अपील करती हूं कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस को पूरी गरिमा और गंभीरता के साथ मनाएं. बंगबंधु भवन में पुष्प माला चढ़ाकर और प्रार्थना करके सभी आत्माओं की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें.

बांग्लादेश में लोगों की मौत से दुखी हैं शेख हसीना, उचित सजा की मांग की

पांच अगस्त को पद से हटने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में हसीना ने कहा कि आंदोलन के नाम पर जुलाई से जारी हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है. हसीना इस समय नयी दिल्ली में हैं. बयान में हसीना ने कहा, मैं छात्रों, शिक्षकों, पुलिस कर्मियों, गर्भवती महिलाओं, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, कामकाजी लोगों, अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं, पैदल चलने वालों और कई प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों की मौत पर दुख व्यक्त करती हूं. हसीना ने 15 अगस्त, 1975 को अपने परिवार के सदस्यों की नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए कहा, मुझे अपने जैसे उन लोगों के प्रति सहानुभूति है, जो अपने प्रियजनों को खोने के दुख के साथ जी रहे हैं. मैं इन हत्याओं और आतंकवादी कृत्यों में शामिल लोगों की पहचान कर और उन्हें सजा देने के लिए उचित जांच की मांग करती हूं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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