कैसे सुधरे पाकिस्तान-बांग्लादेश के संबंध? टॉप डिप्लोमैट ने खोले राज, लेकिन भारत की वजह से इस मुश्किल पर हैं परेशान

Bangladesh-Pakistan relation: पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच इन दिनों राजनयिक संबंधों में सुधार होता दिख रहा है. पाकिस्तानी सेना के अधिकारी लगातार बांग्लादेश का दौरा कर रहे हैं. हालांकि बीते सालों में इन रिश्तों में वैसी गर्माहट नहीं थी, तो कैसे ये संबंध मधुर हुए, इस पर बांग्लादेश के राजनियक ने अपनी बात रखी है.

Bangladesh-Pakistan relation: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच इन दिनों संबंधों में सुधार होता दिख रहा है. पाक सेना के पूर्व सैन्य अधिकारियों की लगातार भारत के पूर्वी देश यात्राएं हो रही हैं. 1971 में पश्चिमी पाकिस्तान के अत्याचारों से त्रस्त पूर्वी पाकिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी. भारत के सहयोग से एक भयावह युद्ध के बाद बांग्लादेश नाम के एक स्वतंत्र राष्ट्र का निर्माण हुआ, जिसके अगुवा बने मुजीबुर रहमान. इसके बाद से बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाकर रखी. हालांकि बांग्लादेश के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि पिछले साल से पाकिस्तान के साथ उनके देश के संबंधों में सुधार हुआ है. इसके पीछे क्या कारण हैं? इस पर उन्होंने विस्तार से बात की. 

रविवार को बंदरगाह शहर में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान में बांग्लादेश के उच्चायुक्त इकबाल हुसैन खान ने कहा कि यह कोई रहस्य नहीं है कि पिछले 10-12 वर्षों से दोनों पक्षों के बीच संबंध अच्छे नहीं थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. खान ने कहा, ‘‘हर स्तर पर संबंधों में सुधार हुआ है और अब बांग्लादेशी नागरिकों को 24 घंटे में पाकिस्तान के लिए वीजा जारी कर दिया जाता है.’’

भारत की वजह से नागरिक संबंधों में मुश्किल?

खान ने कहा कि भारतीय हवाई क्षेत्र में पाकिस्तानी उड़ानों पर प्रतिबंध के कारण बांग्लादेश के यात्रियों के लिए ढाका से पाकिस्तानी शहरों के लिए सीधी उड़ानें प्राप्त करना मुश्किल है. मई में चार दिन के संघर्ष के बाद से पाकिस्तान और भारत, दोनों ने वाणिज्यिक एयरलाइन सहित दोनों पक्षों की सभी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने पाकिस्तानी अधिकारियों से बात की है ताकि कोई समाधान निकाला जा सके और दोनों देशों के बीच बिना किसी परेशानी के सीधी उड़ानें शुरू की जा सकें.’’

कराची और चटगांव में संपर्क बढ़ाने पर जोर

खान ने कहा कि सीधी उड़ानें दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करेंगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कराची और चटगांव के बीच सीधे समुद्री संपर्क से पारगमन समय कम हो सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कराची और चटगांव के बीच सीधे समुद्री संपर्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

शेख हसीना पर परोक्ष आरोप

उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संबंधों के लिए परोक्ष रूप से शेख हसीना सरकार को जिम्मेदार ठहराया. शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के दौरान बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर थे, खासकर जब 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों के सहयोगियों पर वर्ष 2010 में मुकदमा चलाया गया था. लेकिन पांच अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक आंदोलन ने हसीना की सरकार को गिरा दिया, जिससे इस्लामाबाद के साथ संबंधों को पुनर्जीवित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ.

ये भी पढ़ें:-

गाजा ‘शांति मिशन’ के लिए सैनिकों के बदले भीख मांग रहे असीम मुनीर, पाकिस्तानी पत्रकार का खुलासा

खुंखार कुत्ते का हमला, 9 महीने के बच्चे को नोचकर मार डाला, पूरे इलाके में पसरा मातम

अमेजन के बीच बहती आग की नदी! जानें क्या है ‘Boiling River’ का रहस्य, जहां पानी उबलता है 100°C पर, वैज्ञानिक भी हैरान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >