बांग्लादेश में सेना के ठिकानों पर ‘यासीन बाहिनी’ का अटैक, सड़कें खोदकर रास्ते किए बंद, बुलडोजर से तोड़ा कैंप

Bangladesh Jungle Salimpur: बांग्लादेश के चट्टोग्राम के जंगल सलीमपुर इलाके में RAB कैंप पर हथियारबंद हमले और बुलडोजर से तोड़फोड़ का मामला सामने आया है. संयुक्त बलों ने कार्रवाई कर कई लोगों को हिरासत में लिया है. यहां पर यासीन बाहिनी नाम के आपराधिक संगठन का दबदबा है.

Bangladesh Jungle Salimpur: बांग्लादेश के चिटगांव (चट्टोग्राम) जिले के जंगल सलीमपुर इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा तनाव देखने को मिला. देर रात हथियारबंद बदमाशों ने बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन के एक ट्रेनिंग कैंप और अन्य ढांचों पर हमला कर दिया. आरोप है कि हमलावरों ने बुलडोजर से कैंप के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया और सुरक्षाबलों को रोकने के लिए कई जगह सड़कें भी खोद डालीं.

द बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे चिटगांव के सीतकुंड उपजिला के जंगल सलीमपुर के अलीनगर इलाके में हुई. रैपिड एक्शन बटालियन के मुताबिक हमला पहले से सुनियोजित था और इसके पीछे ‘यासीन बाहिनी’ नाम का हथियारबंद गिरोह शामिल था. घटना के बाद आरएबी, पुलिस और आर्म्ड पुलिस बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें कई लोगों को हिरासत में लिया गया.

RAB बोला- कैंप को निशाना बनाकर की गई फायरिंग

प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश आरएबी-7 के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हाफिजुर रहमान ने बताया कि बदमाशों ने अचानक कैंप को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा में जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की. उनके मुताबिक हमलावरों ने अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मौके तक पहुंचने से रोकने के लिए कम से कम जगह सड़कें और पुलिया खोद डाली थीं. रहमान ने बताया कि तमाम बाधाओं के बावजूद कानून-व्यवस्था बलों ने 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पा लिया. बांग्लादेश ट्रिब्यून के अनुसार, हालांकि कई हमलावर भागने में सफल रहे, लेकिन 15 लोगों को हिरासत में लिया गया.

लंबे समय से अपराधियों का गढ़ रहा है जंगल सलीमपुर

जंगल सलीमपुर को लंबे समय से हथियारबंद गिरोहों और जमीन कब्जाने वाले समूहों का मजबूत ठिकाना माना जाता रहा है. जिला प्रशासन के अनुसार इस इलाके में करीब 3,100 एकड़ सरकारी जमीन मौजूद है. वर्षों से यहां आपराधिक गिरोहों का प्रभाव बना हुआ है. इसी इलाके को काबू में करने के लिए बांग्लादेश सरकार लंबे समय से कोशिश कर रही है. 2017 और 2022 में भी इलाके को खाली कराने की कोशिशें की गई थीं, लेकिन स्थानीय विरोध और अन्य बाधाओं की वजह से वे अभियान सफल नहीं हो पाए थे.

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मार्च में भी चला था बड़ा अभियान

इसी साल 9 मार्च को सेना, आरएबी, पुलिस और बीजीबी के करीब 3,200 जवानों ने इलाके में संयुक्त अभियान चलाया था. उस दौरान भी अलीनगर में प्रवेश से पहले सड़क पर एक ट्रक खड़ा कर रास्ता रोक दिया गया था. बाद में सुरक्षाबलों ने ट्रक हटाया, लेकिन कुछ दूरी आगे बढ़ने पर पता चला कि सड़क की पुलिया तोड़ दी गई थी. हालांकि अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था. 

इसके बाद वहां आरएबी और पुलिस के दो ट्रेनिंग सेंटर तथा कैंप बनाने की योजना शुरू की गई थी. अधिकारियों के मुताबिक ताजा हमला उसी निर्माणाधीन कैंप को निशाना बनाकर किया गया.

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यासीन और रोकन अब भी फरार

कानून-व्यवस्था एजेंसियों के अनुसार मार्च अभियान में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन ‘यासीन बाहिनी’ के सरगना मोहम्मद यासीन और ‘रोकन बाहिनी’ के नेता रोकन उद्दीन अब भी फरार हैं. मोहम्मद यासीन ही यासीन बाहिनी का मुखिया है. यह चटगांव का एक क्रिमिनल गैंग है. 2021 में बांग्लादेश सरकार ने इसे आतंकी ग्रुप घोषित किया है. इन अपराधियों के पास मॉडर्न हथियार हैं. आरएबी का दावा है कि जंगल सलीमपुर में सक्रिय यासीन गिरोह में करीब 200 से 250 सदस्य शामिल हैं.

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Published by: Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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