अमेरिका के लॉस एंजेल्स में चल रही थी ईरान विरोधी रैली, हजारों की भीड़ में घुस गया ट्रक, 2 लोगों को कुचला
US Anti Iran Regime Protest Truck Rams in Crowd: लॉस एंजेल्स में ईरानी शासन के खिलाफ आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक यू-हॉल ट्रक प्रदर्शनकारियों की भीड़ में घुस गया. इस घटना में कम से कम दो लोग घायल हो गए. यह हादसा वेस्टवुड इलाके में स्थित विलशायर फेडरल बिल्डिंग के बाहर हुआ, जहां ईरान में चल रहे सरकार विरोधी आंदोलनों के समर्थन में सैकड़ों लोग लोग जमा हुए थे. प्रदर्शन में शामिल लोग ईरान में हो रही कथित हिंसक कार्रवाई के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिखा रहे थे.
US Anti Iran Regime Protest Truck Rams in Crowd: अमेरिका में ईरान के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पश्चिमी लॉस एंजिल्स में आयोजित एक रैली के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ट्रक प्रदर्शनकारियों की भीड़ में घुस गया, जिससे कई लोग घायल हो गए. रविवार को पश्चिमी लॉस एंजेल्स के वेस्टवुड इलाके में ईरान के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था. यह घटना विलशायर फेडरल बिल्डिंग के बाहर हुई, जहाँ स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली रैली के लिए हजारों लोग जमा हुए थे. इस रैली का आयोजन ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में किया गया था. इसी समय एक यू-हौल ट्रक लॉस एंजिल्स में विलशायर फेडरल बिल्डिंग के बाहर ईरान के खिलाफ आयोजित विरोध रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ गया. घटना के बाद पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया.
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाए जाने के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत हुई है. यह रैली उन कई आयोजनों में से एक थी, जिनका उद्देश्य ईरान के भीतर हो रहे आंदोलनों के प्रति अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिखाना था. घटना में शामिल यू-हौल ट्रक पर ईरान के इतिहास से जुड़ा एक राजनीतिक संदेश भी लिखा हुआ था. ट्रक के साइड पर लिखा नारा था, “नो शाह, नो रिजीम. यूएसए: 1953 को दोहराओ मत, नो मुल्ला.” यह नारा 1953 में हुए उस अमेरिकी समर्थित तख्तापलट की ओर इशारा करता है, जिसमें ईरान के तत्कालीन प्रधानमंत्री को हटाकर शाह को फिर से सत्ता में लाया गया था.
हिरासत में हमलावर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने ट्रक से एक व्यक्ति को बाहर निकालकर मौके पर ही हिरासत में ले लिया. जब पुलिस उसे लेकर जा रही थी, तब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की, जिसमें झंडों की पोल से मारने का प्रयास भी शामिल था. हालांकि, पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया. घटना के बाद ट्रक का विंडशील्ड टूटा हुआ पाया गया और सड़क पर कांच बिखरा हुआ था. ट्रक से जुड़ी ट्रेलर खाली नजर आई और उसका पिछला दरवाजा खुला हुआ था. पुलिस ने वाहन और आसपास के इलाके की जांच की. कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि ड्राइवर ने जानबूझकर भीड़ की ओर ट्रक चलाया या फिर वह प्रदर्शन के बीच घबरा गया था.
विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 500 के पार
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब बेहद हिंसक और व्यापक रूप ले चुके हैं. सरकार द्वारा किए जा रहे सख्त दमन के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और यह संकट अंतरराष्ट्रीय टकराव की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अब तक कम से कम 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की है. संगठन का कहना है कि वास्तविक मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. वहीं, हजारों लोगों की गिरफ्तारी से देशभर में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है.
2022 के बाद सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बीते दो हफ्तों में 10,600 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मृतकों में 490 आम नागरिक और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. ईरान फिलहाल 2022 के बाद के सबसे बड़े जनआंदोलन का सामना कर रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग हुआ तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. हालांकि, ईरानी सरकार ने अब तक मौतों को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील बन गए हैं.
इंटरनेट ब्लैकआउट पर अमेरिका और इजरायल की चेतावनी
प्रदर्शनों के चलते ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे जमीनी हालात की जानकारी मिलना मुश्किल हो रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेहरान समेत कई शहरों में लोग नारेबाजी और आगजनी करते दिख रहे हैं. ईरान की संसद और सरकार ने अमेरिका व इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी सैन्य हस्तक्षेप का कड़ा जवाब दिया जाएगा. वहीं, इजरायल ने भी हालात पर करीबी नजर रखने की बात कही है. महंगाई से शुरू हुआ यह आंदोलन अब सीधे धार्मिक सत्ता के खिलाफ विद्रोह में बदल चुका है.
एलन मस्क से इंटरनेट की उम्मीद
वहीं इंटरनेट की बंदी की वजह से ईरान से बाहर आने वाली सूचनाएं भी छन छन कर आ रही हैं. ऐसे में अमेरिका के उद्योगपति एलन मस्क के स्टारलिंक को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. उनकी कंपनी सैटेलाइट से इंटरनेट उपलब्ध कराने में काबिलियत रखती है. उन्होंने दक्षिण अमेरिकी देशों में इस तरह के प्रयोग पहले भी किए हैं. आने वाले दिनों में अगर इंटरनेट ब्लैकआउट जारी रहता है, तो मस्क इस तरह का कदम ईरान में भी उठा सकते हैं.
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