अमेरिका ने ईरानी तेल-गैस निर्यात करने वाले 50 कंपनियों पर लगाए सैंक्शन, बैन में ये तीन इंडियन भी शामिल

America Sanctions 50 facilitators of Iranian Energy Exporters: अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 50 संस्थाओं ने सामूहिक रूप से अरबों डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को सक्षम किया है, जिससे ईरानी शासन को वह महत्वपूर्ण राजस्व मिला. इन पर अमेरिका ने सैंक्शन लगा दिए हैं, जिनमें 3 भारतीय भी शामिल हैं.

America Sanctions 50 facilitators of Iranian Energy Exporters: अमेरिका ईरान के ऊपर कोई भी रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), हांगकांग और चीन में स्थित 50 व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों के एक समूह पर प्रतिबंध लगाए हैं. प्रशासन का आरोप है कि ये लोग ईरानी तेल और लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की बिक्री और शिपमेंट में सहायता कर रहे थे. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) की ओर लगाए गए इस प्रतिबंध में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन लोगों ने सामूहिक रूप से अरबों डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को सक्षम किया है, जिससे ईरानी शासन को वह महत्वपूर्ण राजस्व मिला, जो अमेरिका को धमकाने वाले आतंकी संगठनों को वित्तीय सहायता देने में उपयोग हुआ. इस कार्रवाई से सैकड़ों मिलियन डॉलर मूल्य की ईरानी एलपीजी के परिवहन में शामिल नेटवर्क, लगभग दो दर्जन शैडो फ्लीट जहाजों, चीन स्थित एक क्रूड ऑयल टर्मिनल और एक स्वतंत्र रिफाइनरी निशाना बनी है. यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेशों (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) पर आधारित है, जिनमें एक आदेश फरवरी में जारी किया गया था जिसमें अमेरिका को ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर लाने का निर्देश दिया गया था.

अमेरिकी वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, “अमेरिकी वित्त मंत्रालय ईरान की ऊर्जा निर्यात प्रणाली के प्रमुख हिस्सों को तोड़कर उसके नकदी प्रवाह को कम कर रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, यह प्रशासन उस शासन की क्षमता को बाधित कर रहा है जो आतंकवादी संगठनों को धन उपलब्ध कराता है और अमेरिका के लिए खतरा पैदा करता है.” विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय नागरिक वरुण पुला, सोनिया श्रेष्ठा और अय्यप्पन राजा पर एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 13902 के तहत प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन शिपिंग कंपनियों के लिए कार्य कर रहे थे जो ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी के परिवहन में शामिल थीं.

कौन हैं वे तीन भारतीय?

वरुण पुला के स्वामित्व वाली मार्शल आइलैंड्स स्थित Bertha Shipping Inc. कंपनी Comoros-flagged vessel PAMIR (IMO 9208239) का संचालन करती है, जिसने जुलाई 2024 से अब तक लगभग चार मिलियन बैरल ईरानी एलपीजी चीन को पहुंचाई है. वहीं अय्यप्पन राजा के स्वामित्व वाली Evie Lines Inc. (मार्शल आइलैंड्स) Panama-flagged SAPPHIRE GAS (IMO 9320738) का संचालन करती है, जिसने अप्रैल 2025 से अब तक एक मिलियन बैरल से अधिक ईरानी एलपीजी चीन को भेजी है. जबकि सोनिया श्रेष्ठा के स्वामित्व वाली भारत स्थित Vega Star Ship Management Pvt. Ltd. कंपनी Comoros-flagged vessel NEPTA (IMO 9013701) का संचालन करती है, जिसने जनवरी 2025 से ईरानी एलपीजी पाकिस्तान तक पहुंचाई है.

सभी नामित व्यक्तियों की संपत्ति फ्रीज

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सभी नामित व्यक्तियों की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां और संपत्ति से संबंधित सभी हित फ्रीज कर दिए गए हैं. कोई भी संस्था जिसमें इनमें से किसी प्रतिबंधित व्यक्ति की 50% या अधिक हिस्सेदारी है, वह भी स्वचालित रूप से प्रतिबंधित मानी जाएगी. OFAC के नियमों के अनुसार, किसी भी अमेरिकी व्यक्ति या संस्था द्वारा इन प्रतिबंधित व्यक्तियों से जुड़ा कोई भी लेन-देन, जब तक कि विशेष अनुमति न दी जाए, कानूनी रूप से बैन है. इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर अमेरिकी या विदेशी व्यक्तियों पर सिविल या आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है. वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन प्रतिबंधों का अंतिम उद्देश्य व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है. जिन व्यक्तियों या संस्थाओं को सूचीबद्ध किया गया है, वे स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रतिबंध सूची से हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

अमेरिका लगा रहा अधिकतम दबाव

ट्रंप प्रशासन की मैक्सिमम प्रेशर (अधिकतम दबाव) नीति का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों तक पहुंचने से रोकना है. इसी क्रम में, गर्मियों के दौरान अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर कई हवाई हमले भी किए. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने सितंबर में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर दोबारा प्रतिबंध लगाए, जिससे देश की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है. ईरान की मुद्रा रियाल ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई है और आम लोगों का जीवन और कठिन हो गया है. हाल ही में उसने अपनी मुद्रा से चार शून्य भी हटाए हैं, जो एक तरह से मुद्रा का अवमूल्यन भी है. जनवरी से अब तक, अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी तेल व्यापार से जुड़े 166 जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं. 

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