Afghanistan Attack Pakistan: अफगानिस्तान ने शुक्रवार को पाकिस्तान के हमलों का करारा जवाब दिया. पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों में अफगानिस्तान के दो सबसे बड़े शहरों राजधानी काबुल और कंधार को निशाना बनाया गया, जिसमें तालिबान अधिकारियों के अनुसार छह लोगों की मौत हो गई. तालिबान ने इस कार्रवाई के बाद जवाब देने की चेतावनी दी थी और कुछ ही समय बाद उसने जवाबी हमला भी कर दिया.
तालिबान ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में उसने पाकिस्तान के रणनीतिक सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है. सोशल मीडिया एक्स पर अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक हैंडल ने पोस्ट किया कि डूरंड लाइन पर पाकिस्तान की ‘रात के समय की गई’ घुसपैठ और उल्लंघनों का अफगान बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. डूरंड लाइन दोनों देशों के बीच विवादित सीमा है.
पोस्ट में लिखा गया, ‘पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा डूरंड लाइन पर रात में किए गए उल्लंघनों के जवाब में अफगान वायुसेना ने आज सुबह खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सैनिकों के रणनीतिक सैन्य केंद्रों और ठिकानों को निशाना बनाया.’ दावे के मुताबिक, ‘इन हमलों में कोहाट का सैन्य किला नष्ट कर दिया गया. उसी किले के पास करीब दो किलोमीटर के भीतर मौजूद डूरंड लाइन संघर्ष के कमांड सेंटर और सैन्य किले के कमांडर के कार्यालय को भी सटीक तरीके से निशाना बनाया गया.’
ड्रोन हमले में क्या-क्या बना निशाना
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन हमले के दौरान किले के भीतर मौजूद सैन्य आवास, हथियारों और गोला-बारूद के भंडार को लक्ष्य बनाया गया. इसके अलावा युद्ध संचालन से जुड़े कमांड सेंटर और किले के कमांडर के दफ्तर पर भी हमला किया गया. बताया गया कि किले से करीब दो किलोमीटर दूर मौजूद कमांड सेंटर को भी बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया गया. रिपोर्ट के अनुसार, पेशावर में पाकिस्तानी पुलिस से जुड़े कुछ केंद्रों पर भी ड्रोन से हमले किए गए. हालांकि इन हमलों में कितने लोग हताहत हुए या घायल हुए, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
पाकिस्तान ने किया था हमला
इससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच तालिबान सरकार ने शुक्रवार सुबह पाकिस्तान पर काबुल और दक्षिणी प्रांत कंधार में रातभर किए गए हवाई हमलों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. तालिबान प्रशासन के मुताबिक इन हमलों में कम से कम चार आम नागरिकों की मौत हो गई.
नागरिक ठिकानों पर हमले का आरोप
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंधार एयरपोर्ट के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘काम एयर’ के ईंधन डिपो को भी निशाना बनाया. उन्होंने बताया कि यह ईंधन भंडार केंद्र नागरिक विमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराता है. हालांकि, पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से इस आरोप पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
तीन हफ्तों से जारी है टकराव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम बरतने की अपील के बावजूद दोनों पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष का यह तीसरा सप्ताह चल रहा है. फरवरी के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं.
अफगानिस्तान का कहना है कि उसने सीमा पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया था. वहीं पाकिस्तान की सेना का दावा है कि उसके अभियान सीमा पार मौजूद पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ थे. अफगानिस्तान ने इन समूहों को कभी औपचारिक मान्यता नहीं दी है.
काबुल में भी नागरिक हताहत
काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान के अनुसार राजधानी काबुल में बच्चों समेत कम से कम चार नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं. हालांकि पूरे अफगानिस्तान में कुल हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
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दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है. यह संघर्ष हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे घातक माना जा रहा है और पाकिस्तान ने इसे अफगानिस्तान के साथ ‘खुला युद्ध’ तक बताया है.
जबीहुल्ला मुजाहिद ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तानी हमलों में पक्तिया और पक्तिका प्रांतों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी कई नागरिक और खाली स्थानों को निशाना बनाया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि इन हमलों का जवाब दिया जाएगा.
चीन के दूत की यात्रा के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तान के ताजा हवाई हमले ऐसे समय हुए हैं जब चीन के विशेष दूत यू शियाओयोंग हाल ही में काबुल की यात्रा के बाद इस्लामाबाद पहुंचे और वहां अपने पाकिस्तानी समकक्ष मोहम्मद सादिक से मुलाकात की. काबुल दौरे के दौरान यू शियाओयोंग ने अफगान सरकार के अधिकारियों से भी बातचीत की थी.
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हमलों से एक दिन पहले पाकिस्तान के अफगानिस्तान के लिए विशेष दूत मोहम्मद सादिक ने ‘एक्स’ पर लिखा था कि उन्होंने और चीनी दूत ने टीटीपी और ईटीआईएम (पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक आंदोलन) जैसे आतंकवादी संगठनों से पाकिस्तान और चीन को होने वाले खतरों पर चर्चा की. दोनों ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर भी सहमति जताई.
भाषा के इनपुट के साथ.
