नेपाल के चिलिमे की सुरंग में जिंदगी और मौत का खौफनाक सन्नाटा पसरा है. नेपाल लाइव के मुताबिक, सुरंग में 6 लोगों के फंसे होने की आशंका हैं. बाहर उफनती नदियां और मलबा रास्ता रोक रहे हैं, तो अंदर फंसी जिंदगियां मदद की आस लगाए बैठी हैं. सूचना मिलते ही इंजीनियर और रास्वपा सांसद श्रीराम न्यौपाने खुद चिलिमे के लिए रवाना हो गए हैं.
इंजीनियरिंग अनुभव से बचाव में मदद की तैयारी
सांसद न्यौपाने ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए बताया कि वह सुरंग में फंसे लोगों के बचाव के लिए चिलिमे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपने इंजीनियरिंग अनुभव और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है, इसकी जानकारी लेने और जरूरी तकनीकी सुझाव देने के लिए वह मौके पर पहुंचेंगे.
जरूरत पड़ी तो रेस्क्यू टीम के साथ खुद उतरेंगे
न्यौपाने ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बचाव दल के साथ प्रत्यक्ष रूप से रेस्क्यू अभियान में शामिल होने के लिए तैयार हैं. सुरंग की स्थिति और वहां मौजूद जोखिम को देखते हुए तकनीकी विशेषज्ञता के जरिए बचाव अभियान को मदद देने की कोशिश की जा रही है.
पहले भी 3 लोगों को सुरंग से सुरक्षित निकाला जा चुका है
इससे पहले भोटेकोशी होते हुए त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण सुरंग के अंदर फंसे 3 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है. इसके अलावा बेत्रावती में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मलबे में दबे एक घर से एक महिला को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
जलविद्युत परियोजनाओं पर बढ़ा बाढ़ का खतरा
भीषण बाढ़ के बाद नदी के आसपास मौजूद जलविद्युत परियोजनाओं और दूसरी महत्वपूर्ण संरचनाओं पर खतरा बढ़ गया है. ऐसे में चिलिमे सुरंग के अंदर अभी भी 6 लोगों के फंसे होने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है. बचाव दल अब सुरंग के अंदर की वास्तविक स्थिति का पता लगाने और फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटा है.
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