पिता की जुबानी, समुद्र तट पर तीन वर्षीय सीरियाई बच्‍चे की शव की असली कहानी

बोद्रुम (तुर्की) : तुर्की के समुद्र तट पर जिस तीन वर्षीय सीरियाई बच्चे का शव बह कर आ गया था, उसके पिता ने कहा है कि उनके बच्चे ‘‘उनके हाथों से फिसल गये थे. ‘ जब यह घटना हुई, उस समय उनकी नौका यूनान जा रही थी. तुर्की के तट पर पड़े बच्चे के शव […]

बोद्रुम (तुर्की) : तुर्की के समुद्र तट पर जिस तीन वर्षीय सीरियाई बच्चे का शव बह कर आ गया था, उसके पिता ने कहा है कि उनके बच्चे ‘‘उनके हाथों से फिसल गये थे. ‘ जब यह घटना हुई, उस समय उनकी नौका यूनान जा रही थी. तुर्की के तट पर पड़े बच्चे के शव की तस्वीर ने दुनिया को हिलाकर रख दिया था.

अब्दुल्ला ने अपने तीन वर्षीय बेटे आयलान, चार वर्षीय बेटे घालेब और पत्नी रिहाना को इस त्रासदी में खो दिया. तुर्की मीडिया ने अब्दुल्ला का उपनाम कुर्दी बताया है लेकिन सीरियाई सूत्रों की मानें तो उसका नाम शीनू है.

अब्दुल्ला कुर्दी ने तुर्की की डोगान समाचार एजेंसी को कल नौका डूबने वाले क्षण के बारे में बताया, ‘‘मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ा हुआ था लेकिन मेरे बच्चे मेरे हाथों से फिसल गये. वहां अंधेरा था और हर तरफ चीख पुकार मची थी.’ उसने ‘‘हमने छोटी नौका से चिपके रहने की कोशिश की लेकिन उसकी हवा निकल रही थी.’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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