लाहौर: पाकिस्तान सरकार मुंबई आतंकवादी हमला के मामले में लश्कर ए तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकी उर रहमान लखवी की आवाज के नमूने हासिल करने के लिए आतंकवाद निरोधी अदालत में कोई नई याचिका दायर नहीं करेगी.
अभियोजन टीम के प्रमुख चौधरी अजहर ने आज यह कहा. उफा (रूस) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की बैठक के दो दिनों बाद अजहर की यह टिप्पणी आयी है. बैठक में मुंबई मामले की सुनवाई पाकिस्तान में तेज करने के तौर तरीकों पर चर्चा करने की सहमति बनी जिनमें आवाज के नमूने मुहैया करना जैसी अतिरिक्त सूचना शामिल है.
चौधरी ने आज बताया कि लखवी की आवाज के नमूने हासिल करने का मुद्दा अब खत्म हो गया है. हमने 2011 में निचली अदालत में एक अर्जी देकर लखवी की आवाज के नमूने मांगे थे लेकिन न्यायाधीश मलिक अकरम अवान ने इसे इस आधार पर खारिज कर दिया कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो किसी आरोपी के आवाज के नमूने हासिल करने की इजाजत देता हो.
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार लखवी की आवाज के नमूने हासिल करने के लिए निचली अदालत में कोई नई याचिका दायर नहीं करेगी.’’अभियोजन टीम की घोषणा से यह जाहिर होता है कि मोदी से प्रधानमंत्री शरीफ के वादे के बावजूद पाकिस्तान मुंबई हमले के आरोपी को न्याय के दायरे में लाने के लिए ज्यादा आगे नहीं जाएगा.
चौधरी ने बताया, ‘‘हमने भारत को लिखित में कहा है कि पाकिस्तान में ऐसा कोई कानून नहीं है जो किसी आरोपी के आवाज के नमूने हासिल करने की इजाजत देता हो. भारत और अमेरिका तक में भी ऐसा कोई कानून नहीं है.’’उन्होंने कहा कि ऐसा कानून सिर्फ पाकिस्तान की संसद के जरिए ही बन सकता है.
सूचना मंत्री परवेज राशिद ने भी इस मुद्दे को संसद में ले जाने के लिए कोई इरादा नहीं दिखाया.राशिद ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार के सख्त संकल्प को जाहिर करते हुए कहा, ‘‘पाकिस्तान ने मुंबई मुद्दे को संयुक्त बयान में शामिल किया है क्योंकि हम चाहते हैं कि भारत हमें आरोपियों के अभियोजन के लिए उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य मुहैया कराये’’. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार आवाज के नमूने के बारे में कोई विधेयक लाएगी, उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान उन लोगों का अभियोजन कर रही है जो कथित तौर पर मुंबई हमले में शामिल हैं. लेकिन हमें साक्ष्य की जरुरत है.
पाकिस्तानी और भारतीय प्रधानमंत्रियों के संयुक्त बयान के बाद साक्ष्य मुहैया कराने की जिम्मेदारी भारत पर है.’’ मंत्री ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को ठोस साक्ष्य अब तक मुहैया नहीं कराया है.लखवी के वकील रजा रिजवान अब्बासी ने कहा कि सरकार ने 2011 में आवाज के नमूने के मुद्दे को खारिज कर दिया था.
