Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग को खत्म करने के लिए हलचल तेज हो गई है. डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के सामने 15 शर्तों का एक प्रपोजल रखा है, तो वहीं ईरान ने भी अपनी 5 कड़ी शर्तें सामने रख दी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों तरफ से दांव-पेंच जारी हैं, लेकिन बातचीत का रास्ता अभी भी पेचीदा बना हुआ है.
ईरान की 5 बड़ी शर्तें: ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर मांगा कब्जा
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ जंग रोकने के लिए तैयार नहीं है, बल्कि उसे बड़ी रियायतें चाहिए. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, ईरान की मांगों में ये शामिल हैं:
- अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को तुरंत रोका जाए.
- अमेरिका गारंटी दे कि भविष्य में वह ईरान पर कभी सैन्य हमला नहीं करेगा.
- जंग के दौरान ईरान को जो भी नुकसान हुआ है, उसका पूरा हर्जाना (पैसा) अमेरिका भरे.
- दुनिया के सबसे जरूरी तेल सप्लाई रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर ईरान का पूरा कंट्रोल हो.
- ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर कोई बात नहीं होगी और न ही इस पर कोई रोक लगेगी.
ट्रंप की 15 शर्तें: न्यूक्लियर पावर और मिसाइलों पर कड़ा प्रहार
इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने 15 पॉइंट का एक एग्रीमेंट तैयार किया है. इसके लिए एक महीने के ‘सीजफायर’ का प्लान है ताकि बातचीत हो सके. ट्रंप की मुख्य शर्तें ये हैं:
- ईरान को अपने सभी परमाणु हथियार और काबिलियत खत्म करनी होगी.
- कसम खानी होगी कि वह भविष्य में कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
- ईरान की जमीन पर यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) का काम पूरी तरह बंद होगा.
- 60% तक संवर्धित 450 किलो यूरेनियम का स्टॉक IAEA को सौंपना होगा.
- नतांज, इस्फाहान और फोर्डो जैसे बड़े परमाणु प्लांट बंद करने होंगे.
- यूएन की टीम (IAEA) को ईरान में कहीं भी चेकिंग की पूरी आजादी देनी होगी.
- दूसरे देशों में चल रहे अपने गुटों (Proxies) का साथ छोड़ना होगा.
- इन गुटों को हथियार और पैसा देना तुरंत बंद करना होगा.
- हॉर्मुज की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखना होगा.
- ईरान की मिसाइलों की रेंज और संख्या पर लिमिट तय की जाएगी.
- मिसाइलों का इस्तेमाल सिर्फ अपनी रक्षा के लिए ही किया जा सकेगा.
बदले में ईरान को क्या मिलेगा?
अगर ईरान ये शर्तें मानता है, तो अमेरिका उसे ये फायदे देगा:
- ईरान पर लगे दुनिया भर के सारे प्रतिबंध (Sanctions) हटा लिए जाएंगे.
- बिजली बनाने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए अमेरिका ईरान की मदद करेगा.
- ‘स्नैपबैक’ नियम खत्म होगा, जिससे ईरान पर दोबारा अचानक पाबंदी नहीं लग सकेगी.
ट्रंप का दावा- ‘ईरान की मिलिट्री खत्म हो चुकी है’
डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बहुत मजबूत बातचीत चल रही है. ट्रंप के मुताबिक, ‘ईरान की नेवी, एयरफोर्स और कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. वे मिलिट्री के तौर पर खत्म हैं. हमारे विमान तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं और वे कुछ नहीं कर पा रहे.’
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बिचौलियों के जरिए हो रही बात
भले ही ट्रंप बातचीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन ईरान के अधिकारियों ने सीधी बातचीत से इनकार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश इस समय बिचौलियों (मध्यस्थता) का काम कर रहे हैं और मैसेज इधर-उधर पहुंचा रहे हैं. इजरायली अखबार हारेत्ज (Haaretz) के अनुसार, ईरान को जवाब देने के लिए डेडलाइन दी गई है और जल्द ही एक ‘पीस समिट’ (शांति सम्मेलन) होने की उम्मीद है.
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