काबुल : अफगान तालिबान ने आज फ्रांस में पैगम्बर मोहम्मद साहब के काटरूनों को फिर से प्रकाशित किए जाने की आज निंदा की और पिछले सप्ताह पेरिस में शार्ली हेब्दो पत्रिका पर हुए घातक इस्लामी हमले को सही ठहराया.
संगठन की ओर से अंगरेजी में जारी बयान में कहा गया है कि वे इस अमानवीय कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और इसे अंजाम देने वालों, इसकी अनुमति देने वालों और इसके समर्थकों को मानवता का दुश्मन मानते हैं. संगठन ने सात जनवरी को पत्रिका के कर्मचारियों की गोली मार कर हत्या करने वाले बंदूकधारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘‘अश्लील कार्रवाई करने वालों के साथ न्याय किया.’’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कल पत्रिका के नए संस्करण की रिकार्ड बिक्री के बाद ऐलान किया कि शार्ली हेब्दो ‘‘जिंदा है और जिंदा रहेगी’’. अल कायदा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
अफगानिस्तान में 1996 से 2001 के बीच चरमपंथी इस्लामी सरकार की कमान संभालने वाले तालिबान ने कहा कि विश्व नेताओं को ऐसे काटरूनों को जारी होने से रोकना चाहिए. तालिबान ने कहा कि पत्रिका को ‘‘विश्व शांति को और नुकसान पहुंचाने’’ से बाज आना चाहिए.
