लाहौर : आतंकी संगठन लश्कर ए झांगवी (एलइजे) का सह-संस्थापक इकरामुल हक उर्फ अकरम लाहौरी आज पाकिस्तान की एक जेल में फांसी से बाल-बाल बच गया जब उसके परिवार ने ऐन मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता के साथ ‘‘समझौता’’ कर लिया.
लाहौरी के वकील गुलाम मुस्तफा ने कहा कि उसकी फांसी के लिए वारंट जारी होने के बाद उसके परिवार ने शिकायतकर्ता से बात की और दोनों पक्षों ने समझौता किया और कोट लखपत जेल में उसकी फांसी टाल दी गई.फैसलाबाद स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत ने वर्ष 2011 में इमामबाडा में हत्याओं के संबंध में लाहौरी को मौत की सजा सुनाई थी और कुछ दिन पहले उसके खिलाफ मौत की सजा का वारंट जारी किया गया था.
लाहौरी का पूर्व केंद्रीय मंत्री मोइनुददीन हैदर के भाई इम्तियाज हैदर की हत्या, इस्लामाबाद में ईरानी कैडट की हत्या और ईरानी राजनयिक सादिक गांजी की हत्या सहित 21 से अधिक हत्या मामलों में नाम शामिल है.शिया संगठन मुतहिदा वाहदातुल मुसलमीन के एक नेता ने कहा कि लाहौरी की फांसी की सजा टालने में किसने भूमिका निभाई, उस पर रहस्य बना हुआ है.
