पाक अदालत ने कहा - कानूनी खामियों की वजह से लखवी को मिली जमानत
इस्लामाबाद: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर पाकिस्तान के आतकंवाद निरोधक अदालत ने सवाल खड़े किये हैं. आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने कहा, कानूनी खामियों, कमजोर सबूत और अप्रासंगिक धाराओं की वजह से वर्ष 2008 के मुंबई बम हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिली.लखवी को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
इस्लामाबाद: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर पाकिस्तान के आतकंवाद निरोधक अदालत ने सवाल खड़े किये हैं.
आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने कहा, कानूनी खामियों, कमजोर सबूत और अप्रासंगिक धाराओं की वजह से वर्ष 2008 के मुंबई बम हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को जमानत मिली.लखवी को अठारह दिसंबर को जमानत देने वाले एटीसी न्यायाधीश सैयद कौशर अब्बास जैदी ने अपने लिखित आदेश में कहा कि 54 वर्षीय आरोपी के विरुद्ध सबूत अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों के बयानों पर आधारित हैं जो स्पष्ट तौर पर उसकी जमानत नामंजूर करने के लिए अपर्याप्त थे.अदालत ने कहा, अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों से उजागर होता है कि सुनी-सुनाई बातों के आधार पर लखवी को आरोपित किया गया.
उसने कहा, ‘‘यह भी स्वीकृत तथ्य है कि मोहम्मद मुमताज (गवाह) ने लखवी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला है.’’प्राथमिकी के दर्ज करने और कानून की विभिन्न धाराओं को जोड़ने का भी लखवी को फायदा हुआ. घटना के करीब तीन महीने बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.जमानत पर लखवी को रिहा करने के आदेश में कहा गया है, ‘‘प्राथमिकी के विवरण के अनुसार घटना नवंबर, 2008 में हुई जबकि रिपोर्ट 2 फरवरी, 2009 को दर्ज की गयी.’’