सैकडों साल पुराने नियम बदले, 2015 से महिलाएं भी बनने लगेंगी पादरी

लंदन: इंग्‍लैंड के चर्च ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोडते हुए महिला पादरी की नियुक्‍ति का रास्‍ता साफ का दिया है. कल सेंट्रल लंदन के वेस्‍टमिंस्‍टर चर्च हाउस में हुए पादरियों की महासभा (जनरल साइनोड) में अक्‍टूबर महीने में ब्रिटेन संसद द्वारा पारित कानून को मंजूरी मिल गयी है. जनरल साइनोड ने इस साल जुलाई […]

लंदन: इंग्‍लैंड के चर्च ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोडते हुए महिला पादरी की नियुक्‍ति का रास्‍ता साफ का दिया है. कल सेंट्रल लंदन के वेस्‍टमिंस्‍टर चर्च हाउस में हुए पादरियों की महासभा (जनरल साइनोड) में अक्‍टूबर महीने में ब्रिटेन संसद द्वारा पारित कानून को मंजूरी मिल गयी है.

जनरल साइनोड ने इस साल जुलाई के महीने में महिलाओं को भी पादरी का पद देने की वकालत की थी. अब इस जनरल साइनोड के इस निर्णय के बाद अगले वर्ष की शुरुआत तक पहली महिला बिशप की नियुक्‍ति हो जाएगी.

महिलाओं का पादरी के रूप में विधिवत नियुक्‍ति का निर्णय वर्ष 1994 में ही लिया गया था लेकिन अबतक उन्‍हें किसी चर्च सबसे उंचे पद पर नियुक्‍त नहीं किया गया था. इससे पहले वर्ष 2012 में महिलाओं को बिशप बनाने के मुद्दे को जनरल साइनोड के छ: सदस्‍यों ने खारिज कर दिया था.

अपने आप में एक तरह के बडे निर्णय से महिलाओं की ज्‍यादा से ज्‍यादा भागीदारी चर्च के सर्वोच्‍च पद के रूप में होगी. इस निर्णय का लंबे समय से प्रचार कर रहे लोगों ने स्‍वागत किया है.

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