गाजा: 12 घंटे के लिए थमा युद्ध,अभी तक 1,000 फिलीस्तीनियों की मौत

इजराइल:गाजा पट्टी में हमास इजराइल युद्ध में अब तक 940 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं जिसमें से अधिकतर नागरिक हैं. साथ ही 38 इसराइली मारे गये हैं. गाजा में फंसे लोगों लोगों को घरों को लौटने के लिये और सामान की आवाजाही के लिये 12 घंटे का संघर्ष विराम कर लिया गया है. इसमे लोग […]

इजराइल:गाजा पट्टी में हमास इजराइल युद्ध में अब तक 940 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं जिसमें से अधिकतर नागरिक हैं. साथ ही 38 इसराइली मारे गये हैं. गाजा में फंसे लोगों लोगों को घरों को लौटने के लिये और सामान की आवाजाही के लिये 12 घंटे का संघर्ष विराम कर लिया गया है. इसमे लोग मलबे मे फंसे लोगों को भी ढूढ रहे हैं. इसमें वे 19 लोग भी शामिल हैं जो रात मे मारे हैं इसके अलावा दो इजराइली सैनिक भी मारे गये हैं.

इजराइल और हमास ने यह संघर्ष विराम संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर किया. यह संघर्ष विराम स्थानीय समय के मुताबिक सुबह आठ बजे से शुरू हुआ. गजा के स्वास्थय मंत्रालय ने बताया कि इजराइल शिफा अस्पताल से 60 शवों को बरामद किया गया है जबकि 35 को पहले ही बरामद कर लिया गया था.

इसी बीच, सात दिवसीय युद्धविराम के लिए सहमति बनाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में अमेरिका विदेश मंत्री जॉन केरी ने ब्रिटेन, तुर्की और कतर से शनिवार को फ्रांस में बैठक करने का फैसला किया है. संघर्ष विराम के लिये अंतर्राष्ट्रीय प्रयास जारी है.अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा कि इजरायल की ओर से इस प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बारे में मीडिया में आई खबरों के बावजूद वे लंबे युद्धविराम को लेकर आश्वस्त हैं.

मानवीय युद्धविराम की इस अवधि की घोषणा से कुछ ही समय पहले इजरायली रक्षामंत्री मोशे या-आलोन ने चेतावनी द्ते हुए कहा था कि गाजा में जमीनी अभियान जल्दी ही ‘बढ़’ सकते हैं.उन्होंने सैनिकों को बताया था कि आपको इस संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए कि हम जल्दी ही सेना को गाजा में उसके जमीनी अभियानों को विस्तार देने के निर्देश दे सकते.

इधर संवाददाताओं से मिली जानकारी के मुताबिक हवाई हमलों और टैंक गोलीबारी से सबसे कठिन प्रभावित इलाकों में एक तनावपूर्ण स्थिति है. लेकिन सामान्य जीवन की झलक की भी उम्मीद है.

गौरतलब है हमास या इस्लामिक प्रतिरोध संस्था फ़िलिस्तीनी सुन्नी मुसलमानों की एक सशस्त्र संस्था है जो फ़िलिस्तीन राष्ट्रीय प्राधिकरण की मुख्य पार्टी है. यह एक राष्ट्रवादी और कट्टर संस्था है. हमास का गठन 1987 में मिस्र तथा फलस्तीन के मुसलमानों ने मिलकर किया था जिसका उद्धेश्य क्षेत्र में इसरायली प्रशासन के स्थान पर इस्लामिक शासन की स्थापना करनी थी. इसका प्रभाव गाजा पट्टी में अधिक है. और वर्चस्व की इस लड़ाई में जिसमें आम नागरिक ही अधिक प्रभावित हो रहे हैं.

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