मलेशिया में ''अल्लाह'' शब्द पर मुसलमानों का कॉपीराइट

कुआलालंपुर : मलेशिया की एक शीर्ष अदालत ने सरकार के उस फैसले को आज सही ठहराया, जिसमें यह कहा गया था कि गैर-मुसलमान अल्लाह शब्द का प्रयोग नहीं कर सकते हैं. कोर्ट ने रोमन कैथोलिक चर्च की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया था इस प्रतिबंध से देश में अल्पसंख्यकों के […]

कुआलालंपुर : मलेशिया की एक शीर्ष अदालत ने सरकार के उस फैसले को आज सही ठहराया, जिसमें यह कहा गया था कि गैर-मुसलमान अल्लाह शब्द का प्रयोग नहीं कर सकते हैं. कोर्ट ने रोमन कैथोलिक चर्च की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया था इस प्रतिबंध से देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होगा.

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि चर्च के पास निचली अदालत के फैसले को गलत ठहराते हुए शीर्ष अदालत के पास अपना पक्ष लेकर जाने का कोई हक नहीं है. गौरतलब है कि पिछले वर्ष मलय भाषा की एक साप्ताहिक पत्रिका में अल्लाह शब्द का प्रयोग किया गया था.

अल्लाह अरबी भाषा का शब्द है और मलय भाषा में अल्लाह शब्द का प्रयोग भगवान को इंगित करने के लिए किया जाता है. सरकार का कहना है कि अल्लाह शब्द मुसलमानों के लिए सुरक्षित है और इसका प्रयोग अन्य धर्मावलंबियों के लिए वर्जित है.

कैथोलिक न्यूजपेपर के संपादक रेव. लॉरेंस एंड्रयू का कहना है कि हम इस निर्णय से विचलित हैं, ऐसे में अल्पसंख्यकों के अधिकार कैसे सुरक्षित रहेंगे. यह सवाल हमारे मन में है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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