बगदाद: इराक में हिंसा और डर का अजीब सा माहौल है. सुन्नी उग्रवादियों का कहर बढ़ता जा रहा है उग्रवादी आगे की ओर बढ़ते जा रहे हैं हालांकि इराक की फौज उन्हें रोकने की पूरी कोशिश कर रही है पर कहीं न कहीं उनकी कोशिशें कामयाब होती नहीं नजर आतीं. उग्रवादियों ने इराक की सबसे बडी तेल रिफानरी की निगरानी चौकियों पर सुन्नी उग्रवादियों ने अपने काले झंडे लगा दिए हैं.
इराक में उग्रवादियों का बढ़ता कहर, कई देश चिंतित
बगदाद: इराक में हिंसा और डर का अजीब सा माहौल है. सुन्नी उग्रवादियों का कहर बढ़ता जा रहा है उग्रवादी आगे की ओर बढ़ते जा रहे हैं हालांकि इराक की फौज उन्हें रोकने की पूरी कोशिश कर रही है पर कहीं न कहीं उनकी कोशिशें कामयाब होती नहीं नजर आतीं. उग्रवादियों ने इराक की सबसे […]

एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार महत्वपूर्ण रिफायनरी भी उग्रवादियों के कब्जे में आ गयी है. इराकी सुरक्षा बल के शीर्ष अधिकारी इस खबर का खंडन करते हुए कहते हैं कि रिफाइनरी अभी भी सरकारी नियंत्रण में है. लेकिन प्रत्यक्षदर्शी दूसरी ही कहानी बताते है हैं. बेइजी रिफानरी के पास से गुजरे इराकी प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि उग्रवादियों ने उसके आसपास हथियारबंद चेकपोस्ट भी बना दिए हैं. उसने बताया कि वहां टैंकरों में से एक में आग की लपटें उठ रही थीं. इराक संकट के कारण कई देश अपने नागरिकों को लेकर चिंतित हैं.
इराक में गहराते संकट के बीच चीन ने आज कहा कि वह देश में मौजूद अपने कुछ नागरिकों को खतरे के जोन से दूर भेजेगा. चीन को कच्चे तेल का सबसे ज्यादा निर्यात इराक ही करता है.चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने आज मीडिया से कहा, ‘‘इराक में करीब 10,000 चीनी कर्मचारी हैं. ज्यादातर अपेक्षाकृत सुरक्षित इलाकों में हैं.’’ खबरों के मुताबिक, चीन की दो प्रमुख तेल कंपनियों ने अपने क्षेत्र में स्थिति गंभीर होने की सूरत में वहां से कर्मचारियों को हटाने की योजनाएं बना ली है.
लीबिया में 2011 में मुअम्मर कज्जाफी के खिलाफ हुई क्रांति के दौरान चीन ने वहां फंसे अपने 35,800 कर्मचारियों को निकालने के लिए बडे पैमाने पर सडक, समुद्री और हवाई अभियान चलाया था. दूसरी ओर इराक में 40 भारतीय के अगवा होने पर भारत को भी अपने नागरिकों की चिंता सता रही है. भारत अपने ज्यादातर नागरिकों को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहा है विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी जनता से अपील की है कि उनपर भरोसा रखें.