सभी ग्रहों के ‘गॉडजिला’ की खोज

वाशिंगटन : खगोलविदों ने एक ऐसे विशाल ग्रह की खोज की है, जो सभी ग्रहों का ‘‘गॉडजिला’’ है क्योंकि यह हमारे ग्रह पृथ्वी से 17 गुणा अधिक वजनी और आकार में उससे दोगुने से भी अधिक बडा है. इस तथ्य की खोज से वैज्ञानिकों की ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति की समझ बदल सकती है. केपलर-10सी नामक […]

वाशिंगटन : खगोलविदों ने एक ऐसे विशाल ग्रह की खोज की है, जो सभी ग्रहों का ‘‘गॉडजिला’’ है क्योंकि यह हमारे ग्रह पृथ्वी से 17 गुणा अधिक वजनी और आकार में उससे दोगुने से भी अधिक बडा है. इस तथ्य की खोज से वैज्ञानिकों की ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति की समझ बदल सकती है.

केपलर-10सी नामक यह ग्रह हर 45 दिनों में एक बार सूर्य जैसे तारे का चक्र लगाता है. यह ड्रेको तारामंडल में पृथ्वी से करीब 560 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है. सिद्धांतकारों के अनुसार इस तरह की कोई दुनिया नहीं हो सकती क्योंकि इतने बडे ग्रह को बढने और बृहस्पति जैसा गैस दानव बनने के लिए हाइड्रोजन गैस चाहिए होगी.

हालांकि यह ग्रह पहले खोजे गए ‘‘सुपर अर्थ’’ से काफी बडा है और इसलिए यह ‘‘मेगा अर्थ’’ है. इस खोज का नेतृत्व करने वाले हार्वर्ड स्मिथसोनियन सेंटर फोर एस्ट्रोफिजिक्स (सीएफए) के खगोलविद जेवियर दुमुस्के ने कहा, ‘‘ जब हमें पता चला कि हमने क्या खोजा है तो हमें बहुत हैरानी हुई.’’ सीएफए में अनुसंधानकर्ता दिमितर सास्सेलोव ने कहा, ‘‘ यह सभी ग्रहों का गॉडजिला है. लेकिन गॉडजिला फिल्म में दिखाए विशाल पशु के विपरीत इस ग्रह के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव हैं.’’

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