US-Iran Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हलचल शुरू हो गई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए दोनों देशों की टीमें वहां पहुंच चुकी हैं. अमेरिकी टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. वहीं, ईरान की टीम की कमान वहां की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ संभाल रहे हैं. उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीयान और सेंट्रल बैंक के चीफ भी मौजूद हैं.
सुरक्षा के कड़े घेरे में ईरानी डेलिगेशन
जब ईरान की टीम का विमान पाकिस्तान के आसमान में पहुंचा, तो उसे पूरी सुरक्षा दी गई. इसमें अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AWACS) और फाइटर जेट्स शामिल थे, जो उन्हें एस्कॉर्ट करके इस्लमाबाद लाए. वहां पाकिस्तान के रक्षा प्रमुख आसीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने उनका स्वागत किया. फिलहाल इस्लाबाद का ‘रेड जोन’ पूरी तरह बंद है और वहां सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं.
ईरान का 10-पॉइंट प्लान
ईरान ने शांति के लिए 10 शर्तें रखी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘काम करने लायक’ बताया है. ईरान की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, उनकी मुख्य मांगें ये हैं:
- जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर ईरान का कंट्रोल बना रहे.
- अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्राइमरी और सेकेंडरी प्रतिबंध हटा ले.
- यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) को मंजूरी मिले और ईरान को मुआवजा दिया जाए.
- इलाके से अमेरिकी सेना की वापसी हो और लेबनान रेजिस्टेंस के खिलाफ युद्ध बंद हो.
अमेरिका का 15-पॉइंट प्रस्ताव
दूसरी तरफ, अमेरिका ने अपना 15-पॉइंट प्लान पेश किया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि:
- ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार विकसित न करने का वादा करे.
- ईरान अपने देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन बंद करे और पुराना स्टॉक IAEA को सौंप दे.
- ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को फिर से खोला जाए और क्षेत्रीय प्रॉक्सी (हिजबुल्ला और हूती) को समर्थन देना बंद हो.
- इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा और भविष्य में दोबारा प्रतिबंध लगाने वाले सिस्टम को खत्म कर देगा.
दोनों तरफ से आए कड़े बयान
शांति वार्ता के बीच दोनों तरफ से तीखे बयान भी आए हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के कुछ दावों को खारिज कर दिया है. वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच भाषा को लेकर भी कंफ्यूजन है. रिपोर्ट के मुताबिक, शांति प्रस्ताव के फारसी और अंग्रेजी वर्जन में यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) को लेकर अलग-अलग बातें लिखी हैं. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका के लिए जो पॉइंट्स जरूरी हैं, उन पर बंद दरवाजे के पीछे चर्चा होगी. पिछले सप्ताह सीजफायर की घोषणा के बाद, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने 8 अप्रैल को कहा कि वार्ता 15 दिनों तक चल सकती है.
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इजरायल ने कहा- लेबनान पर हमले नहीं रुकेंगे
एक तरफ जहां पाकिस्तान में बातचीत चल रही है, वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि भले ही वह युद्धविराम का स्वागत करते हैं, लेकिन लेबनान पर हमले नहीं रुकेंगे. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान ही दक्षिण लेबनान के मेफदौन में इजरायली हवाई हमला हुआ, जिसमें एक रिहायशी इमारत तबाह हो गई और तीन लोगों की जान चली गई. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने इस बातचीत को ‘बनाओ या बिगाड़ो’ वाला पल बताया है.
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