पाकिस्तान के आर्मी चीफ मुनीर ने ईरानियों का स्वागत मिलिट्री यूनिफॉर्म में किया, लेकिन जेडी वेंस का सूट में क्यों?

Asim Munir: पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर का अनोखा अंदाज चर्चा में है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से सूट में और ईरानी नेताओं से सैन्य वर्दी में मिलना उनकी सोची-समझी डिप्लोमेसी मानी जा रही है.

Asim Munir: पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का हालिया बदला हुआ अंदाज चर्चा में है. शनिवार को जब वह अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का स्वागत करने नूर खान एयरबेस पहुंचे, तो उन्होंने अपनी सेना की वर्दी के बजाय काला सूट पहना हुआ था. 

हैरानी की बात यह है कि उसी दिन कुछ घंटे पहले ईरान के डेलिगेशन का स्वागत करते समय वह अपनी मिलिट्री यूनिफॉर्म (कॉम्बैट ड्रेस) में नजर आए थे. डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक ही दिन में दो अलग-अलग कपड़ों का चुनाव महज संयोग नहीं, बल्कि दुनिया को एक खास मैसेज देने की कोशिश है.

ईरान को ‘सैनिक’ और अमेरिका को ‘डिप्लोमैट’ वाला संदेश

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, आसिम मुनीर का यह कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. रिटायर मेजर जनरल संजय मेस्टन ने इस पर कहा कि मुनीर अमेरिका के सामने खुद को एक राजनेता (स्टेट्समैन) और ईरान के सामने एक सख्त सैनिक के रूप में पेश करना चाहते हैं. वहीं, डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन का कहना है कि ईरान के साथ मीटिंग के दौरान कॉम्बैट ड्रेस पहनना एक कड़ा संदेश है, क्योंकि पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों और सीमा विवाद को लेकर तनाव रहा है.

इस्लामाबाद में चल रही है ‘पीस डील’ की कोशिश

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद अब सुलह की बातचीत के लिए पाकिस्तान ने हाथ बढ़ाया है. जेडी वेंस के साथ इस दौरे पर डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी इस्लामाबाद पहुंचे हैं. वहीं ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ और राष्ट्रपति सैय्यद अब्बास अराघची शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों पक्ष पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मुलाकात करेंगे, जिसमें ईरान लेबनान पर इजरायली हमलों का मुद्दा भी उठा सकता है.

ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका पीस प्लान: ट्रंप और गालीबाफ की टीम सुलह के लिए पहुंची पाकिस्तान

पीएम के बजाय आर्मी चीफ क्यों आए आगे?

जानकारों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बजाय आर्मी चीफ आसिम मुनीर खुद एयरबेस पहुंचे. एक्सपर्ट्स इसे मुनीर की पावर दिखाने का एक तरीका मान रहे हैं. पाकिस्तान खुद इस समय अफगानिस्तान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता (मीडिएशन) करके वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका को बड़ा दिखाना चाहता है. आज नूर खान एयरबेस पर होने वाली इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.

ये भी पढ़ें: रिपोर्ट में दावा: ईरान नहीं खोल पा रहा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, खुद बिछाई बारूदी सुरंगों को ढूंढने में छूट रहे पसीने

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >