US-Iran Peace Talks : ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के लिए आज सुबह पाकिस्तान पहुंचा और जिस विमान से पहुंचा उसे नाम दिया गया है मिनाब 168. मिनाब ईरान के होर्मोज्गान प्रांत का एक शहर और काउंटी है. यह ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और युद्ध शुरू होनेवाले दिन से ही पूरी दुनिया के लोग इस शहर का नाम जानते हैं. मिनाब वही शहर है, जहां 28 फरवरी, 2026 को लड़कियों के एक स्कूल में हुए अमेरिकी हमलों में 168 से अधिक लोग मारे गये थे और इनमें अधिकांश स्कूली बच्चे (7 से 12 वर्ष की लड़कियां और लड़के) थे.
मिनाब-168 के जरिये दुनिया को संदेश
मिनाब-168 के जरिये इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी स्पीकर मोहम्मद-बघर गालिबफ ने विमान के अंदर से एक मार्मिक तस्वीर साझा की. इसमें विमान की खाली यात्री सीटों पर मिनाब में स्थित शजारेह तैय्येबे प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में मारे गये बच्चों तस्वीरें, खून से सने स्कूल बैग और अन्य सामान दिख रहा है. इस दिल दहला देने वाली तस्वीर को पोस्ट करते हुए ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष गालिबफ ने कैप्शन में लिखा, ‘इस उड़ान में मेरे साथी.’ गालिबफ की सोशल मीडिया प्रोफाइल की कवर फोटो में भी इन बच्चों की कब्रों की तस्वीर है.
आईआरआईबी ने भी की विमान की तस्वीरें साझा
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने भी मिनाब 168 से से ली गयी तस्वीरें एक तीखे कैप्शन के साथ पोस्ट की हैं- ‘ईरानी विमान में सवार यात्री, प्रतिनिधिमंडल को यह याद दिलाने के लिए कि वे किसके लिए बातचीत कर रहे हैं. मिनाब के नरसंहार में मारे गये स्कूली बच्चे और उनके खून से सने बैग.’
गौरतलब है कि ईरान इस हमले के लिए पहले दिन से अमेरिका को जिम्मेदार बता रहा है और इस शांति वार्ता में भी वह इस बात को प्रमुखता से रखने को तैयार दिख रहा है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने जर्मन समकक्ष जोहान वाडेफुल से कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत में ‘पूर्ण अविश्वास” के साथ प्रवेश कर रहा है. ईरान ईरानी लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ेगा.’
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