एक बड़ी समस्या का निकला समाधान

आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल, केरलइसी परिप्रेक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को इस रूप में हरगिज नहीं लेना चाहिए कि यह किसी की जीत या किसी की हार है. देश में वर्षों से चली अा रही एक बड़ी समस्या को हल करने की यह पहल है. दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद […]

आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल, केरल
इसी परिप्रेक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को इस रूप में हरगिज नहीं लेना चाहिए कि यह किसी की जीत या किसी की हार है. देश में वर्षों से चली अा रही एक बड़ी समस्या को हल करने की यह पहल है. दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की भी कोशिश की गयी, लेकिन समस्या बनी रही.

ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के जरिये ही इसका निबटारा संभव था और उसका समाधान सुप्रीम कोर्ट ने तलाशा है. अब इस फैसले को हमें शिरोधार्य करना चाहिए. हमारा यह दायित्व है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को हर हाल में प्रिजर्व, रोटेट और डिफेंड करें, ताकि हमारा संविधान और व्यवस्था बनी रहे. दरअसल, संविधान के मुताबिक हमें उसका और कानून का आदर करना चाहिए. यह हमारा संवैधानिक दायित्व है.
उसके मूल्यों के प्रति सम्मान रखने की जिम्मेवारी भी हमारा संविधान हमारे ऊपर डालता है. इसलिए हम सब इस जिम्मेवारी से बच नहीं सकते. उदार चरित्र हमेशा उदारता का व्यवहार करता है. जहां इंसान एक बड़े फायदे के लिए ‘एडजस्टमेंट’ करना सीखता है और एडजस्ट करता है. उदारता का व्यवहार करता है.

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