प्रदीप जैन, निवेश सलाहकार,
आज के समय में शेयरों के भाव कंपनियों की आमदनी के मुकाबले काफी ज्यादा है. तेज बाजार में निवेशकों को सोच-समझ कर निवेश करना चाहिए. मुझे नहीं पता कि बाजार का यह तूफानी चाल कहां जाकर रुकेगा, लेकिन मेरा अनुभव रहा है कि ऐसे ही बाजार में नये निवेशक अपने हाथों को जला बैठते हैं. निवेशक मिड कैप कंपनियों एवं स्मॉल कैप कंपनियों से विशेष रूप से दूर रहें. म्यूचुअल फंड के निवेशक एसआइपी या एसटीपी के माध्यम से ही बाजार में निवेश करें तो बेहतर होगा.
नये निवेशक बैलेंस्ड एडवांटेज फंड या लार्ज कैप फंड में पांच साल के लिए निवेश कर सकते हैं. जिन्हें साल दो साल के लिए सुरक्षित निवेश करना है, वे लिक्विड फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म डेब्ट फंड एवं क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश करें. इन ब्याज आधारित योजनाओं में निवेशकों को अच्छा लाभ मिल रहा है. गिल्ट फंड तथा लांग ड्यूरेशन वाली ब्याज आधारित योजनाओं से बचें.
अपने पोर्टफोलियो में अनावश्यक छेड़छाड़ न करें
अनेक निवेशकों की चिंता है कि उन्हें अपने वर्तमान पोर्टफोलियो में क्या परिवर्तन करना चाहिए. चूंकि आगामी आठ दस सालों में भारत की आर्थिक समृद्धि बहुत तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है, दीर्घकालीन निवेशक आज की तेजी को नजरअंदाज करें और अपने पोर्टफोलियो में अनावश्यक छेड़छाड़ न करें. लेकिन जिन्हें आगामी दो या तीन साल में ही अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए धन चाहिए, उन्हें अपने निवेश के जोखिम को कम करना चाहिए. इसके लिए उन्हें अपने पोर्टफोलियो से मिडकैप, स्मॉलकैप और मिक्रोकैप एक्सपोजर को कम करना होगा. वैल्यूएशन के हिसाब से लार्ज कैप में जोखिम अपेक्षाकृत कम है, लेकिन स्मॉल ड्यूरेशन के ब्याज आधरित फंड रिस्क रिटर्न अनुपात में मुझे ज्यादा आकर्षक लगते है.
रिटर्न निगेटिव है तो भी न रोके एसआइपी
अनेक नये एसआइपी निवेशकों का कहना है कि उन्हें अच्छा लाभ नहीं मिल रहा है. कुछ का रिटर्न निगेटिव भी होगा. ऐसी परिस्थिति में अक्सर निवेशक घबराकर एसआइपी बंद कर देते हैं. जबकि ऐसा करना लाभप्रद नहीं होता. म्यूचुअल फंड में लाभ धैर्य रखने से ही मिलता है.
आपने जिस फाइनेंसियल गोल के लिए निवेश शुरू किया गया है, उतनी अवधि तक अपने निवेश को जारी रखें. अनावश्यक छेड़छाड़ करके निवेशक म्यूचुअल फंड के रूपी कॉस्ट एवरेजिंग और पावर ऑफ कंपाउंडिंग के लाभ से वंचित रह जाते है. अभी का समय रूपी कॉस्ट एवरेजिंग के लिए बिल्कुल सही समय है. अभी म्यूचुअल फंड्स की एनएवी कम हुई है, इसलिए आपको पिछले साल के मुकाबले उतनी रकम में अधिक यूनिट्स मिल जायेंगी.
वित्तीय सलाहकार की सेवा जरूर लें
बाजार की इस तेजी के बीच जब आप अपने निवेश को लेकर संशय में रहते हैं और समझ में नहीं आता कि अब किस तरह निवेश करना चाहिए, तो ऐसी स्थिति में सबसे बेहतर उपाय अपने पास के किसी अच्छे निवेश सलाहकार से मदद लेना.
वैसे तो आज हर जानकारी प्राप्त करने के लिए लोग गूगल का उपयोग कर रहे हैं. लेकिन हर किसी के लिए एक ही दवा कारगर नहीं होती. आपको अपनी बीमारी के लिए चिकित्सक से मिलना ही पड़ता है.
ठीक उसी प्रकार निवेश केवल पैसा बनाने का मसला नहीं होता है. इसमें गलतियों से बचने की बात भी शामिल होती है. वित्तीय सलाह को फाइनेंशियल सेल्स नहीं समझना चाहिए. निवेश केवल एक वित्तीय लेन-देन नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर चलनेवाला सफर है, जो हर निवेशक के मामले में अलग होता है.
