लंदन : तिब्बती बौद्ध धर्म से जुड़े 17वें करमापा ने बुधवार को कहा कि तिब्बती लोग भारत को बड़ी उम्मीद के साथ देखते हैं. दलाई लामा से मान्यता प्राप्त 31 वर्षीय करमापा साल 2000 में तिब्बत की निर्वासित सरकार के मैकलॉडगंज स्थित मुख्यालय में पहुंचे और अब धर्मशाला में रहते हैं.
तिब्बती बौध की करमा कोगयू शाखा के प्रमुख करमापा 14 साल की उम्र में बड़े ही नाटकीय ढंग से नेपाल के रास्ते भारत पहुंचे. वह अपनी पुस्तक ‘इंटरकनेक्टेड’ के विमोचन के लिए यहां पहुंचे थे.
उन्होंने कहा, ‘‘भारत तिब्बती लोगों के लिए बहुत दयालु रहा है, उनको सुरक्षा दी है, घर दिया है. तिब्बती लोग भारत को बड़ी उम्मीद से देखते हैं और हमारा जिस तरह से ख्याल रखा गया है, उसको लेकर हम सब आभारी हैं.’ नयी दिल्ली में अप्रैल महीने में उनकी इस पुस्तक का विमोचन किया गया था.
