रियो ओलंपिक : भारत को लगा झटका, दीपा कर्मकार पदक से चूकीं
रियो द जिनेरियो : ओलंपिक खेलों में भारत की उम्मीदों को आज बड़ा झटका लगा है. भारत की एक मात्र महिला जिमनास्ट दीपा कर्मकार वाल्ट फाइनल्स में पदक से चूक गयीं और 15.066 के शानदार अंक के साथ नंबर चार पर रहीं. इस स्पर्धा में संयुक्त राज्य अमेरिका की नंबर एक जिमनास्ट सिमान बाइल्स ने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रियो द जिनेरियो : ओलंपिक खेलों में भारत की उम्मीदों को आज बड़ा झटका लगा है. भारत की एक मात्र महिला जिमनास्ट दीपा कर्मकार वाल्ट फाइनल्स में पदक से चूक गयीं और 15.066 के शानदार अंक के साथ नंबर चार पर रहीं. इस स्पर्धा में संयुक्त राज्य अमेरिका की नंबर एक जिमनास्ट सिमान बाइल्स ने सबसे अधिक 15.966 अंक लेकर स्वर्ण पर कब्जा किया. रूस की मारिया ने 15.253 अंकों के साथ रजत पर और स्विट्जरलैंड की जिमनास्ट ने कांस्य पर कब्जा जमाया.
भले ही भारत की दीपा पदक की दौड़ से बाहर हो गयीं, लेकिन पहली महिला जिमनास्ट बनकर ओलंपिक में पहुंचकर उन्होंने देश का मान बढ़ाया है. दीपा से पूरे भारत को काफी उम्मीदें थीं. उन्होंने आज अपना पूरा शतप्रतिशत प्रदर्शन दिखाया, लेकिन पदक से दूर रह गयीं.
* मैच से काफी तनाव में थे दीपा के माता-पिता
दीपा भले ही पदक नहीं जीत पायीं, लेकिन उन्हें पूरे देश से प्यार मिला. उनके पदक जीतने के लिए पूरे देश भर में पूजा और हवन किये गये. उनके माता पिता स्पर्धा शुरू होने से पहले काफी तनाव में थे. हालांकि उन्होंने दीपा को फोन पर शुभकामनाएं दीं. उनके पिता दुलाल करमाकर जो एक कुश्ती कोच हैं, उन्होंने दीपा का मैच अपने परिवार वालों के साथ घर पर टीवी में देखा. वहीं मैच आरंभ होने से पहले उनकी माता गौरी देवी भगवान से लगातार प्रार्थना कर रही थीं.
और माता गौरी देवी थोड़े तनाव में हैं. उसके पिता जो एक कुश्ती कोच हैं, उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज घर पर रहूंगा. टीवी पर दीपा का प्रदर्शन देखने के लिए हमारे कई रिश्तेदार आज शाम को आयेंगे. मैंने दीपा को फोन किया था और उसे आगे बढने को कहा है और ईश्वर उसके साथ रहेंगे.’ वहीं दीपा की मां ने कहा, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना कर रही हूं कि उसके प्रदर्शन से हमारा देश और राज्य गौरवांवित महसूस करे.’