रियो ओलंपिक : तीसरे दिन भी भारत की झोली खाली, खिलाडियों ने किया निराश

रियो डि जिनेरियो : ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन तकदीर ने भारत का साथ नहीं दिया. सोमवार को सभी स्‍पर्धाओं में भारत को हार का सामना करना पड़ा. ओलंपिक के तीसरे दिन भी भारत की पदक झोली खाली रह गयी. निशानेबाज में अभिनव बिंद्रा से भारत को बड़ी उम्‍मीदें थीं, लेकिन बिंद्रा पदक के बिल्कुल […]

रियो डि जिनेरियो : ओलंपिक खेलों के तीसरे दिन तकदीर ने भारत का साथ नहीं दिया. सोमवार को सभी स्‍पर्धाओं में भारत को हार का सामना करना पड़ा. ओलंपिक के तीसरे दिन भी भारत की पदक झोली खाली रह गयी. निशानेबाज में अभिनव बिंद्रा से भारत को बड़ी उम्‍मीदें थीं, लेकिन बिंद्रा पदक के बिल्कुल करीब आकर चूक गए.

वहीं पुरुष हॉकी में भी भारत को हार का सामना करना पडा़. भारतीय हॉकी टीम आखिरी तीन सेकंड में गोल गंवाकर ओलंपिक चैम्पियन जर्मनी से 1-2 से हार गई. उसी तरह ट्रैप निशानेबाजी में मानवजीत सिंह संधू और कीनान चेनाइ पहले दिन के प्रदर्शन को बेहतर नहीं कर सके और ओलंपिक पुरुष ट्रैप सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर पाये. संधू 16वें और चेनाइ 19वें स्थान पर रहे.

* महिला तीरंदाज

महिला तीरंदाज लक्ष्मीरानी मांझी व्यक्तिगत स्पर्धा में खराब प्रदर्शन के बाद स्लोवाकिया की अलेक्जेंड्रा लोंगोवा से हारकर बाहर हो गई. मांझी ने यह मुकाबला 1-7 से गंवाया.

* 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा

बीजिंग ओलंपिक 2008 के व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शूटआफ में उक्रेन के एस कुलीश से हार गए. एक समय दोनों पदक की दौड़ में 163.8 से बराबरी पर थे. शूटआफ में बिंद्रा ने 10 और कुलीश ने 10.5 स्कोर किया. चौथे स्थान पर रहकर बाहर होने के बाद भी बिंद्रा ने कोई जज्बात नहीं दिखाये. वह चुपचाप चले गए. कुलीश ने 204.6 के स्कोर के साथ रजत और इटली के निकोलो कैप्रियानी (206.1) ने स्वर्ण पदक जीता. बिंद्रा का यह पांचवां और आखिरी ओलंपिक था. वह एक समय आठ निशानेबाजों के फाइनल में दूसरे स्थान पर थे जिसमें एक एक शाट के बाद निशानेबाज बाहर हो रहे थे. बिंद्रा क्वालीफाइंग दौर में सातवें स्थान पर रहे थे जबकि लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता गगन नारंग 23वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए.

* भारतीय हॉकी

आखिरी मिनटों में गोल गंवाने की आदत भारतीय हॉकी टीम पर एक बार फिर भारी पड़ी और रियो ओलंपिक में पूल बी के रोमांचक मैच में दो बार की ओलंपिक चैम्पियन जर्मनी ने आखिरी सीटी बजने से ठीक पहले गोल करके उसे 2-1 से हरा दिया. भारतीय हॉकीप्रेमियों के लिये यह हार दिल तोड़ने वाली रही क्योंकि मैच में अधिकांश समय भारत का पलड़ा भारी रहा और निर्धारित समय से 3.1 सेकंड पहले जर्मनी ने विजयी गोल दागा.

आखिरी दो मिनट में जर्मन खिलाडियों ने जमकर हमले बोले. भारतीय डिफेंस एक बार फिर आखिरी पलों में बिखर गया और क्रिस्टोफर रुर ने विजयी गोल दागकर भारतीयों को स्तब्ध कर दिया. इससे पहले जर्मनी ने निकलस वेलेन (18वां मिनट) के गोल के दम पर बढत बनाई. भारत के लिये बराबरी का गोल रुपिंदर पाल सिंह ने 23वें मिनट में तीसरे पेनल्टी कार्नर पर किया. इस जीत से जर्मनी का ओलंपिक में 1996 के बाद से भारत के खिलाफ जीत का रिकार्ड बरकरार रहा.

* पुरुष ट्रैप क्वालीफाईंग राउंड

ट्रैप निशानेबाज मानवजीत सिंह संधू और केनान चेनाई शुरुआती दिन के प्रदर्शन में जरा भी सुधार नहीं कर सके और आज यहां ओलंपिक के पुरुष ट्रैप सेमीफाइनल्स में क्वालीफाई करने से चूक गये. संधू दूसरे और अंतिम दिन 16वें और चेनाई 19वें स्थान पर रहे.

मानवजीत ने 23, 23, 22, 25, 22 से कुल 115 जबकि चेनाई ने 22, 23, 22 24, 23 से कुल 114 अंक का स्कोर जुटाया जिससे स्पर्धा में उनके अभियान का अंत निराशाजनक रहा. दो दिन के क्वालीफायर में केवल शीर्ष छह निशानेबाज ही सेमीफाइनल में प्रवेश करते हैं. मानवजीत के लिये यह बहुत निराशाजनक रहा क्योंकि वह एक समय चौथे राउंड में परफेक्ट 25 के साथ आठवें स्थान से दौड़ में बने हुए थे. हालांकि वह फार्म बरकरार नहीं रख सके और फाइनल राउंड में 22 के साथ निराशाजनक 16वें स्थान पर रहे.

* तैराकी

तैराकी में भी भारत को निराशा हाथ लगा. महिलाओं की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में शिवानी कटारिया और पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई में भारत के सजन प्रकाश सेमीफाइनल के लिए क्‍वालीफाई नहीं कर पाये.

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