नयी दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए यूं तो पूरे देश भर के छात्रों का रुझान रहता है, लेकिन उत्तर भारत के छात्रों का विशेष जोर रहता है.अबतकहुए आवेदन में स्नातक के अंतर्गत आने वाले कोर्स में 40 प्रतिशत आवेदन दिल्ली के हैं. इसके बाद आवेदन की संख्या उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के छात्रों की है. इसके अलावा उत्तरपूर्वी राज्य मुख्यत:असम के छात्रों के आवेदन अधिक आये हैं.
आवेदन करने वालों में लड़कियों की संख्या ज्यादा है, लेकिन अभी वक्त बाकी है. इसलिए अभी यह कहना ठीक नहीं होगा कि नामांकन में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई जिसे 19जून तक चलना है. दिल्ली यूनिवर्सिटी में आवेदन 54 हजार सीटों के लिए किया जा रहा है, जो अलग-अलग कॉलेजों के हैं. इसके अलावा कई अन्य कोटे से भी नामांकन की प्रक्रिया यहां जारी है, जिसके लिए भी आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है. यहां आवेदन करने वालों में एक्टिविटी कोटा के अलावा दिव्यांग, शहीद के बच्चे और कश्मीर शरणार्थी शामिल हैं.
अबतक आये आवेदनों में ज्यादातर आवेदन वैसे छात्रों केहैं जो अनारक्षित श्रेणीसे आते हैं. आरक्षित श्रेणी में सबसे ज्यादा आवेदन अनुसूचित जाति केहैं.
विषय की बात करें तोआवेदन की संख्या में अंगरेजी ने सभी विषयों को पछाड़ दिया है. इस विषय में सबसे ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया है. इसके बाद राजनीति विज्ञान से आवेदन करने वाले हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा है कि अभी आवेदन की संख्या और बढ़ेगी बहुत से छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स के प्रवेश परीक्षा के इंतजार में हैं. यही कारण है कि पिछले महीने अनुमान से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया.
