26/11 के आरोपियों ने पाक की जेल में बना रखा है कराची जैसा नियंत्रण कक्ष : रिपोर्ट

न्यूयॉर्क : पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रौद्योगिकी प्रमुख जरार शाह और उसके साथी आतंकी समूह आइएसआइ की निगहबानी में सलाखों के पीछे से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार निर्देशन कर रहे हैं. उन्होंने जेल में ठीक वैसा ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जैसा नियंत्रण कक्ष 26/11 के मुंबई हमले के दौरान […]

न्यूयॉर्क : पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रौद्योगिकी प्रमुख जरार शाह और उसके साथी आतंकी समूह आइएसआइ की निगहबानी में सलाखों के पीछे से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार निर्देशन कर रहे हैं. उन्होंने जेल में ठीक वैसा ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जैसा नियंत्रण कक्ष 26/11 के मुंबई हमले के दौरान निर्देश देने के उद्देश्य से कराची में स्थापित किया गया था.
फ्रंटलाइन में ‘द हिडन इंटेलिजेंस ब्रेकडाउंस बिहाइंड द मुंबई अटैक्स’ शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि 26/11 हमलों ने मुंबई और भारत को सकते में डाल दिया था. हमलों के छह साल बाद भी इसके मास्टरमाइंड अभी भी आइएसआइ के संरक्षण में स्वतंत्र है. यह खुफिया सेवा अमेरिका की नाममात्र की सहयोगी है.
पाकिस्तान ने लश्कर के कुछ बॉसों को गिरफ्तार किया था, लेकिन उनका मुकदमा ठप रहता है और दंड से मुक्ति का ताजा प्रदर्शन यह रहा कि दो हफ्ते पहले पाकिस्तानी प्राधिकारियों ने लश्कर के सैन्य प्रमुख जकी उर रहमान लखवी को जमानत पर छोड दिया.
रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व, पश्चिमी और भारतीय आतंकवाद निरोधक अधिकारियों के हवाले से कहा गया है, भले ही प्रतिवादी सलाखों के पीछे हों लेकिन वे अभी भी खतरा हैं. लश्कर का प्रौद्योगिकी और संचार प्रमुख शाह और उसके साथी उग्रवादी जेल से ही आतंकवादी गतिविधियों का लगातार निर्देशन कर रहे हैं.
विदेश विभाग के पूर्व खुफिया विश्लेषक त्रिकिआ बेकेन ने रिपोर्ट में कहा है, वे वहां से लगातार निर्बाध संचालन करने को लेकर सक्षम हैं. बेकेन ने कहा कि मुंबई हमलों को निर्देश देने के लिए कराची में बनाया गया नियंत्रण कक्ष अब पाकिस्तान की सैन्य राजधानी रालवपिंडी के बीचों बीच जेल में अनिवार्य रुप से है.
रिपोर्ट लश्कर आतंकी डेविड कोलमेन हेडली पर बनी डॉक्यूमेंटरी अमेरिकन टेररिस्ट का अपडेट है. हेडली ने मुंबई में लक्ष्यों की तलाश की थी जिन पर बाद में 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमला किया था और मुंबई में तीन दिन तक घेराबंदी रही थी.
इस नयी रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे हेडली को पकडा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है, यह अन्य कारण है कि क्यों हेडली की कहानी अभी प्रासंगिक है. इंसाफ नहीं हुआ है.

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