फर्जी फोन कॉल: अदालत ने रेडियो प्रस्तोताओं को कानून तोडने का दोषी पाया

मेलबर्न : आस्ट्रेलिया की एक अदालत ने आज कहा कि केट मिडलटन के गर्भवती होने के दौरान उनका उपचार कर रहे इंग्लैंड के एक अस्पताल में फर्जी फोन कॉल करने वाले आस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन ने कानून तोडा है. इसके साथ ही रेडियो स्टेशन का लाइसेंस रद्द करने समेत उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की राह […]

मेलबर्न : आस्ट्रेलिया की एक अदालत ने आज कहा कि केट मिडलटन के गर्भवती होने के दौरान उनका उपचार कर रहे इंग्लैंड के एक अस्पताल में फर्जी फोन कॉल करने वाले आस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन ने कानून तोडा है. इसके साथ ही रेडियो स्टेशन का लाइसेंस रद्द करने समेत उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की राह खुल गई है.

2डे एफएम के डीजे माइकल क्रिस्टियन एवं मेल ग्रेग ने खुद को प्रिंस चाल्र्स और क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय बताते हुए भारतीय मूल की नर्स जसिंथा सल्दान्हा (46) को एक फर्जी कॉल की थी. जसिंथा ने उन्‍हें केट के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी. कुछ दिनों बाद जसिंथा मृत पायी गयी थी.

‘आस्ट्रेलियन कम्युनिकेशंस एंड मीडिया अथॉरिटी’ (एसीएमसी) ने दिसंबर 2012 को प्रसारित की गई इस फोन वार्ता के बाद रेडियो स्टेशन के खिलाफ जांच आरंभ की थी. एसीएमए ने फैसला सुनाया था कि स्टेशन ने दूसरे पक्ष की सहमति के बिना फोन कॉल प्रसारित करके न्यू साउथ वेल्स के निगरानी एवं प्रसारण कानूनों का उल्लंघन किया है.

रेडियो स्टेशन ने इस निर्णय को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी थी जिसने कहा था कि एसीएमए को आपराधिक प्रकृति के मामलों में फैसला करने का अधिकार नहीं है. इसके बाद एसीएमए ने फेडरल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी जिसने आज एसीएमए के पक्ष में फैसला सुनाया. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले ने रेडियो स्टेशन का लाइसेंस रद्द करने या उस पर जुर्माना लगाए जाने का रास्ता खोल दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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