विकास की बाट जोह रहे ग्रामीण

चतरा : गिद्धौर व इटखोरी प्रखंड के सीमा पर स्थित है गांव कुबरी. यह आज भी विकास की बाट जोह रहा है़ आज तक यहां किसी सांसद, विधायक के पांव यहां नहीं पड़े गांव की आबादी लगभग 250 घरों की है. यह गांव हरिजन बहुल है़ प्रखंड मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर स्थित […]

चतरा : गिद्धौर व इटखोरी प्रखंड के सीमा पर स्थित है गांव कुबरी. यह आज भी विकास की बाट जोह रहा है़ आज तक यहां किसी सांसद, विधायक के पांव यहां नहीं पड़े गांव की आबादी लगभग 250 घरों की है. यह गांव हरिजन बहुल है़ प्रखंड मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर स्थित इस गांव की भौगोलिक स्थिति भी अत्यंत जटिल है़ तीनों ओर से नदियों व जंगल से यह गांव घिरा है़ लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते हैं.

ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत यहां बिजली के खंभे लगाये गये हैं. तार भी झूल रहा है, लेकिन बिजली लोगों को नहीं मिल रही है़ यहां के लोगों को आज भी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है़ गांव में एक ही कुआं है, जिससे ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हैं. मनरेगा योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है. अपनी जीविका के लिये लोगों को दूसरे शहरों में पलायन करना पड़ रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >