12 में सात बार जीता सिंह मैंशन

झरिया विधानसभा क्षेत्र की स्थिति नीरज अंबष्ट, धनबाद झरिया विधान सभा क्षेत्र में सिंह मैंशन का कब्जा रहा है. मजदूर नेता के रूप में उभरे स्व. सूर्यदेव सिंह झरिया विधानसभा सीट से पहली बार वर्ष 1977 में भारी मतों से जीते. उनकी जीत का सिलसिला लगातार चार बार चला. लेकिन, अचानक ह्रदय गति रुक जाने […]

झरिया विधानसभा क्षेत्र की स्थिति
नीरज अंबष्ट, धनबाद
झरिया विधान सभा क्षेत्र में सिंह मैंशन का कब्जा रहा है. मजदूर नेता के रूप में उभरे स्व. सूर्यदेव सिंह झरिया विधानसभा सीट से पहली बार वर्ष 1977 में भारी मतों से जीते. उनकी जीत का सिलसिला लगातार चार बार चला. लेकिन, अचानक ह्रदय गति रुक जाने के कारण वर्ष 1991 में उनका निधन हो गया और यह सीट दूसरी पार्टी के खाते में चली गयी.
लेकिन दो चुनाव के बाद सिंह मैंशन ने फिर से यह सीट छीन ली. वर्तमान में सूर्यदेव सिंह की पत्नी कुंती देवी दो बार से इस सीट बनी हुई है. इस बार भाजपा ने उनके पुत्र संजीव सिंह को टिकट दिया है. यह उनका पहला चुनाव होगा.
झरिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव 11 बार हुए. एक बार उपचुनाव हुआ. कुल 12 चुनाव में सात बार मैंशन को जीत हासिल हुई. झरिया विधान सभा क्षेत्र वर्ष 1967 में अस्तित्व में आया. पहली बार चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी शिवराज प्रसाद जीते, उसके बाद वर्ष 1969 और 1972 में सीपीआइ व बीकेडी प्रत्याशी एसके राय लगातार दो बार चुनाव जीते.
वर्ष 1977 में सूर्यदेव सिंह पहली बार झरिया विधानसभा क्षेत्र से जनता पार्टी के उम्मीदवार बनाये गये और जीत हासिल की. उसके बाद वह 1980, 1985 व 1990 में विजयी हुए. लेकिन वर्ष 1991 में उनके निधन के बाद यह सीट मैंशन के हाथों से निकल गयी. 1991 में हुए उपचुनाव में जनता दल से आबो देवी को टिकट मिला और वह लगातार दो बार 1991 व 1995 में विजयी रहीं. स्व सूर्यदेव सिंह के अनुज बच्च सिंह ने वर्ष 2000 में जेडी (यू) के टिकट पर इस सीट को फिर से अपने कब्जे में किया. वर्ष 2005 और 2009 में सूर्यदेव सिंह की पत्नी कुंती देवी भाजपा के टिकट पर विजयी हुईं.

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