Corona Virus से निपटने के लिए इबोलो और मलेरियारोधी दवाओं का क्लिनिकल टेस्ट करा रहा है चीन

बीजिंग : Corona Virus. चीन में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई वायरस रोधी दवाओं का नैदानिक परीक्षण चल रहा है और इनमें से कुछ ने अच्छा प्रभाव भी दिखाया है. इस वायरस से अब तक 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय से जुड़े जैव […]

बीजिंग : Corona Virus. चीन में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई वायरस रोधी दवाओं का नैदानिक परीक्षण चल रहा है और इनमें से कुछ ने अच्छा प्रभाव भी दिखाया है. इस वायरस से अब तक 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय से जुड़े जैव प्रौद्योगिकी विकास केंद्र ने बताया कि कई चरणों की जांच के बाद चीन के विशेषज्ञों ने अब ध्यान कुछ मौजूदा दवाओं पर केंद्रित किया है. इसमें क्लोरोकीन फॉस्फेट, फेवीपीरावीर और रेमडेसीवीर शामिल है.

इन परीक्षणों में यह सामने आया है कि मलेरिया रोधी दवा क्लोरोकीन फॉस्फेट नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में प्रभावी हो सकता है. करीबी 10 अस्पतालों में इसका क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है. विदेशों में इंफ्लुएंजा के इलाज के लिए उपलब्ध दवाई फेवीपीरावीर को भी चीन के गुआंगदोंग प्रांत में क्लीनिकल परीक्षण के लिए रखा गया है. इसके परिणाम अपेक्षाकृत रूप से प्रभावी हैं और इसकी कम प्रतिकूल प्रतिक्रिया भी है. वहीं, इबोलो के संक्रमण के इलाज के लिए विकसित किये गये रेमडेसीवीर ने कोरोना वायरस पर काफी अच्छा प्रभाव दिखाया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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