महाभियोग ट्रायल में डोनाल्ड ट्रंप को मिली जीत, इनसे पहले किस राष्ट्रपति ने किया सामना? जानिए पूरी प्रक्रिया

US Senatepresident donald trump impeachment trial.वाशिंगटनःमहाभियोग का सामना कर रहे अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत हुई है. करीब दो सप्ताह तक चले ट्रायल के बाद अमेरिकी सीनेट ने डोनाल्ड ट्रंप को सभी आरोपों में क्लीन चिट दे दी. ट्रंप पर अगला राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपने एक प्रतिद्वंदी के खिलाफ साजिश […]

US Senatepresident donald trump impeachment trial.वाशिंगटनःमहाभियोग का सामना कर रहे अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत हुई है. करीब दो सप्ताह तक चले ट्रायल के बाद अमेरिकी सीनेट ने डोनाल्ड ट्रंप को सभी आरोपों में क्लीन चिट दे दी. ट्रंप पर अगला राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपने एक प्रतिद्वंदी के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया गया था.

दूसरे आरोप के तहत उन्हें जांच में कांग्रेस ( वहां की संसद) के रास्ते में रुकावट डालने का आरोपी पाया गया था. तब ट्रंप ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए इस प्रक्रिया को मजाक बताया था. मगर, निचले सदन ( हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) से प्रस्ताव पारित हो जाने के बाद ऊपरी सदन (सीनेट) में मुकदमा चला जहां से वो बरी हो गए.
महाभियोग क्या है?
अमेरिकी संविधान के आर्टिकल II(सेक्शन 4) के मुताबिक, राजद्रोह , भ्रष्टाचार या अन्य किसी उच्च श्रेणी के अपराध या दुराचरण के लिए दोषी पाए जाने पर संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सभी नागरिक अधिकारी के खिलाफ महाभियोग चलाया जा सकता है और उसे पद से हटाया जा सकता है.
कैसे राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है
महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पहले द हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव को एक न्यायिक कमेटी गठित करनी होती है.जांच के बाद अगर पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो सदन राष्ट्रपति के पक्ष और विपक्ष में वोट करता है. अगर सदन महाभियोग के पक्ष में बहुमत नहीं जुटा पाता है तो मौजूदा राष्ट्रपति पद पर काबिज रहेंगे. अगर बहुमत महाभियोग के पक्ष में आता है तो ये दूसरे सदन यानि सीनेट में भेजा जाता है. सीनेट में महाभियोग को बहुमत के लिए दो तिहाई वोटों की जरूरत होती है.
अमेरिका में पहले भी हुई महाभियोग की कार्रवाई
अमेरिका के इतिहास में ट्रंप से पहले दो अन्‍य राष्‍ट्रपतियों पर महाभियोग की कार्रवाई हुई है. ये अलग बात है कि महाभियोग की कार्रवाई के बाद भी दोनों ने अपना कार्यकाल पूरा किया. और अब उसी कड़ी में डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम शामिल हो गया. अमेरिकी इतिहास में सबसे पहले साल 1868 में राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन के खिलाफ भी महाभियोग चला था. उन पर एक सरकारी अधिकारी को गैर कानूनी तरीके से बर्खास्‍त करने का आरोप लगा था.
इसके 130 साल बाद 1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग लाया गया. क्लिंटन पर मोनिका लेवेंस्‍की (क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इंटर्न थीं) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था. हालांकि साल 1999 में सीनेट की ओर से लगाए गए आरोपों से बरी हो गए थे. इस तरह से उनकी कुर्सी भी बच गई थी. इसके अलावा, 1974 में वॉटरगेट स्कैंडल के चलते रिचर्ड निक्सन के खिलाफ भी महाभियोग चल सकता था लेकिन उससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >