प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को नीतीश ने निकाला

<p>जनता दल-यूनाइटेड ने उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और वरिष्ठ नेता पवन वर्मा को पार्टी से निकाल दिया है.</p><p>पिछले कई दिनों से दोनों नेता नागरिकता संशोधन क़ानून पर पार्टी के रुख़ की आलोचना कर रहे थे. साथ ही नीतीश कुमार पर भी सवाल उठाए जा रहे थे.</p><p>प्रशांत किशोर ने पार्टी से निकाले जाने पर नीतीश कुमार का […]

<p>जनता दल-यूनाइटेड ने उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और वरिष्ठ नेता पवन वर्मा को पार्टी से निकाल दिया है.</p><p>पिछले कई दिनों से दोनों नेता नागरिकता संशोधन क़ानून पर पार्टी के रुख़ की आलोचना कर रहे थे. साथ ही नीतीश कुमार पर भी सवाल उठाए जा रहे थे.</p><p>प्रशांत किशोर ने पार्टी से निकाले जाने पर नीतीश कुमार का धन्यवाद किया.</p><p><a href="https://twitter.com/PrashantKishor/status/1222471146928345089">https://twitter.com/PrashantKishor/status/1222471146928345089</a></p><p>एक दिन पहले ही नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं की बैठक के बाद ये संकेत दे दिए थे. उन्होंने कहा था कि जिसको पार्टी में रहना है, रहे और जिसको जाना है, जाए.</p><p>नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में यहाँ तक कह दिया था कि उन्होंने अमित शाह के कहने पर प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल किया था.</p><p><a href="https://twitter.com/PrashantKishor/status/1222168726016905216">https://twitter.com/PrashantKishor/status/1222168726016905216</a></p><p>इस पर प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के फ़ैसले पर सवाल किए. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नीतीश कुमार झूठ बोल रहे हैं.</p><p>जिसके जवाब में प्रशांत किशोर ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर सवाल उठाए थे. जबकि पवन वर्मा ने भी नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी.</p><p>पार्टी महासचिव केसी त्यागी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निकाला जा रहा है.</p><p>प्रशांत किशोर और पवन वर्मा एनडीए के ऐसे नेता थे, जिन्होंने सीएए पर खुलकर सरकार की आलोचना की और अपनी पार्टी के रुख़ को भी ग़लत कहा.</p><p>चुनावी रणनीतिकार के रूप में चर्चित प्रशांत किशोर की कंपनी इस समय दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का सहयोग कर रही है.</p><p>भारतीय विदेश सेवा से इस्तीफ़ा देकर पवन वर्मा जनता दल-यूनाइटेड में शामिल हुए थे. बाद में वे पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद भी रहे.</p><figure> <img alt="पवन वर्मा" src="https://c.files.bbci.co.uk/EA7D/production/_110692006_10a0a933-2ee8-4a92-a249-9523d7e657cb.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव के समय प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार के रूप में नीतीश कुमार से जुड़े. उस समय जनता दल-यू राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही थी.</p><p>जबकि भारतीय जनता पार्टी अलग चुनाव लड़ रही थी. 2015 के चुनाव में महागठबंधन को जीत मिली और प्रशांत किशोर का क़द भी बढ़ा.</p><p>लेकिन 2017 में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो गए और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. </p><p>माना जाता है कि प्रशांत किशोर इससे ख़ुश नहीं थे. लेकिन अगले ही साल यानी 2018 में नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया और उपाध्यक्ष का पद भी दिया.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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