दिल्ली चुनाव आयोग ने दिया बीजेपी नेता कपिल मिश्रा पर एफ़आईआर का आदेश

<figure> <img alt="कपिल मिश्रा" src="https://c.files.bbci.co.uk/285D/production/_110633301_bb484f91-8b3b-4631-8050-1eae40c4e027.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिल्ली पुलिस को बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए कहा है.</p><p>कपिल मिश्रा ने 23 जनवरी को ट्वीट किया था कि ‘आठ फ़रवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुक़ाबला होगा.'</p><p>इससे पहले […]

<figure> <img alt="कपिल मिश्रा" src="https://c.files.bbci.co.uk/285D/production/_110633301_bb484f91-8b3b-4631-8050-1eae40c4e027.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिल्ली पुलिस को बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए कहा है.</p><p>कपिल मिश्रा ने 23 जनवरी को ट्वीट किया था कि ‘आठ फ़रवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुक़ाबला होगा.'</p><p>इससे पहले दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चुनाव आयोग से गुज़ारिश की थी कि कपिल मिश्रा के ट्वीट को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए. </p><p>चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को इस ट्वीट के संबंध में नोटिस भी भेजा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने सीधे ट्विटर से कहा था कि इस ट्वीट को हटा दिया जाए.</p><p><a href="https://twitter.com/ANI/status/1220721918061555714">https://twitter.com/ANI/status/1220721918061555714</a></p><p>इससे पहले कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके कहा था कि वह अपनी बात पर बने रहेंगे. उन्होंने लिखा था, &quot;सच बोलने में डर कैसा, सत्य पर अडिग हूं.&quot;</p><h3>जेएनयू छात्रों को हॉस्टल फ़ीस मामले में अंतरिम राहत</h3><p>दिल्ली हाई कोर्ट ने जेएनयू के छात्रों को अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि जिन छात्रों ने अभी तक नए अकादमिक सत्र के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है, वे पुराने हॉस्टल मैनुअल के आधार पर ऐसा कर सकते हैं.</p><p>जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष और अन्य पदाधिकारियों ने 28 अक्तूबर को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से जारी हॉस्टल मैनुअल में बदलाव करने वाले निर्देशों को चुनौती दी थी.</p><p>हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. जस्टिस राजीव शकधर की बेंच ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी को भी नोटिस भेजा है. </p><figure> <img alt="जेएनयू" src="https://c.files.bbci.co.uk/13581/production/_110633297_e8ec322a-8757-473c-b04d-e455c9810e00.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>नए हॉस्टल मैनुअल में फ़ीस बढ़ गई है जिसका यूनिवर्सिटी के छात्र विरोध कर रहे हैं.</p><p>शुक्रवार को छात्रसंघ के वकील ने कोर्ट को बताया कि कुछ छात्र बढ़ी हुई फ़ीस जमा कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि फ़ीस न भरने पर उनसे सुविधाएं वापस न ले ली जाएं.</p><p>हाई कोर्ट ने कहा, &quot;जहां तक बचे हुए 10 फ़ीसदी छात्रों की बात है, उन्हें एक हफ़्ते के अंदर पुराने मैनुअल के आधार पर पंजीकरण करवाना होगा. उनसे कोई लेट फ़ीस भी नहीं ली जाएगी.&quot;</p><p><a href="https://twitter.com/ANI/status/1220607481618911233">https://twitter.com/ANI/status/1220607481618911233</a></p><p>मामले में अगली सुनवाई 28 फ़रवरी को होगी. </p><p><strong>नागरिकता क़ानून में बदलाव पर </strong><strong>हो सकता है विचार</strong><strong>: अठावले</strong></p><p>नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ देशभर में जारी प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि मोदी सरकार इस क़ानून में संशोधन करने पर विचार कर सकती है.</p><p>महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में समाजसेवक अन्ना हज़ारे के साथ मुलाक़ात के बाद अठावले ने कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं है. </p><p>उन्होंने कहा कि इस क़ानून के ज़रिए ग़लतफ़हमी पैदा की जा रही है.</p><figure> <img alt="रामदास अठावले" src="https://c.files.bbci.co.uk/107A4/production/_110629476_gettyimages-1127608161.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>अठावले ने कहा, &quot;ये जो निर्णय है ये भारतीय मुस्लिम का विरोध करने वाला बिलकुल नहीं है, लेकिन थोड़ी ग़लतफ़हमी हो रही है, ज़रूर सरकार लोगों की भावनाओं का विचार करते हुए इसमें क्या बदलाव हो सकते हैं इस पर सरकार विचार करेगी, सरकार ने कुछ सुझाव मांगे हैं.&quot;</p><p>&quot;इसमें क्या बदलाव हो सकते हैं, सरकार इस पर ज़रूर चर्चा करेगी.&quot;</p><p>हालांकि, मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में कहा था कि सरकार इस क़ानून को वापस नहीं लेगी. उन्होंने कहा था कि जिसको इस क़ानून का विरोध करना है वो करते रहें लेकिन इसको वापस नहीं लिया जाएगा. </p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51207356?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">बीजेपी के नेता शाहीन बाग़ क्यों नहीं जाते?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50885059?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">नागरिकता संशोधन क़ानून: छात्र बनाम शासन</a></li> </ul><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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