स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : घूम आएं जल्दी

डॉ कायनात काजी सोलो ट्रेवेलर स्टैचू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. अभी इस पर्यटन स्थल को बने एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसे देखने के लिए दुनियाभर से लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है कि पानी की अधिकता के कारण सरदार […]

डॉ कायनात काजी

सोलो ट्रेवेलर

स्टैचू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. अभी इस पर्यटन स्थल को बने एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसे देखने के लिए दुनियाभर से लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है कि पानी की अधिकता के कारण सरदार सरोवर डैम के गेट खोल दिये गये हैं. चारों ओर फैली हरी-भरी विंध्याचल की पहाड़ियां और उनके बीच पूरब में डैम से बहता पानी राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभ भाई पटेल के चरणों के पास से गुजरता है.

यहां आजकल इतना पानी है कि सैलानियों के लिए रिवर राफ्टिंग भी शुरू कर दी गयी है. आप भी इसका आनंद ले सकते हैं. गुजरात जैसे शुष्क प्रदेश में पांच किमी लंबी यह पहली रिवर राफ्टिंग है. इस रोमांचक स्पोर्ट्स की दीवानगी युवाओं में देखते ही बनती है.

वडोदरा से 89 किमी दूर नर्मदा जिले में सरदार सरोवर डैम के नजदीक बनी स्टैचू ऑफ यूनिटी एक ऐसी संरचना है, जो न सिर्फ गुजरात, बल्कि पूरे देश की पहचान के रूप में जानी जाती है. सरदार पटेल को समर्पित 182 मीटर ऊंची गगनचुंबी यह प्रतिमा तीन साल में तैयार हुई है. इसको सात किमी दूर से भी देखा जा सकता है.

कुल 2,989 करोड़ रुपये की लागत वाली इस प्रतिमा को बनानेवाली कंपनी है- माइकल ग्रेव्स आर्किटेक्चर एंड डिजाइन और टर्नर कंस्ट्रक्शन, इसी कंपनी ने बुर्ज अल खलीफा बनाया है. इसके निर्माण में अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया है. मॉक-अप, 3डी स्कैनिंग टेक्निक के साथ कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल प्रॉडक्शन टेक्निक, स्पाइनल स्ट्रक्चर आदि.

डैम की खूबसूरती को निहारने के लिए इस जगह को एक टूरिस्ट स्पॉट की तरह विकसित किया गया है. स्टैचू से तीन किमी की दूरी पर एक टेंट सिटी बनायी गयी है, जहां आप रात को ठहर सकते हैं. स्टैचू के नीचे एक म्यूजियम है, जहां सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी कई चीजें रखी गयी हैं. स्टैचू में कई विशेषताएं हैं.

इस स्टैचू के अंदर आधुनिक लिफ्ट लगी हुई हैं. जिसके जरिये स्टैचू की छाती तक पहुंच सकते हैं, जहां से आप पूरा सरदार सरोवर डैम और उसका 200 किमी में फैला पानी का रिजरवॉयर स्पष्ट देख सकते हैं. इसके लिए आपको 300 रुपये फीस अदा करनी होगी. ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं.

नदी से 500 फीट ऊंचा आॅब्जर्वर डेक बनाया गया है, जिसमें एक ही समय में लगभग दो सौ लोग स्टैचू ऑफ यूनिटी को देख सकते हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दिखाने के लिए सैलानियों की हर सुविधा का ख्याल रखा गया है.

लंबी दूरी तय करने के लिए स्वचालित पथ और लिफ्ट आपकी इस यात्रा को सुगमता प्रदान करेंगी. यहां का नजारा देखने लायक है. स्टैच्यू के सामने पूर्व में सरदार सरोवर डेम है और इनके बीच की इस दूरी को कई खूबसूरत गार्डेन से भरा गया है. उसमें बटरफ्लाई गार्डेन, कैक्टस गार्डेन और देशभर में पाये जानेवाले सभी प्रकार के फूलों का बॉटानिकल गार्डेन है. इन गार्डेन से लगी पहाड़ियों में फैले जंगल में वन्यजीव अभ्यारण भी विकसित किया गया है.

वहीं 15 एकड़ में फैला आरोग्य वन भारत की प्राचीन आयुर्वेद को समर्पित गार्डेन है. कैक्टस गार्डेन में 500 प्रजाति के दुर्लभ कैक्टस हैं. बहुत जल्दी स्टैचू के नजदीक स्टोन स्कल्प्चर पार्क भी आनेवाला है, जिसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के चार प्रमुख नेताओं की 10 मीटर ऊंची शिला मूर्तियां होंगी.

आप जब स्टैचू ऑफ यूनिटी देखने जायें, तो सरदार सरोवर डैम जरूर देखें. इस डैम की स्थापना पंडित नेहरू के करकमलों द्वारा 1961 में नर्मदा नदी पर रखी गयी थी.

यह डैम 1,210 मीटर लंबा और 163 मीटर गहरा है. इस जगह की खूबसूरती शाम को दोगुनी हो जाती है, जब हर चीज रंग-बिरंगी रोशनियों से चमकने लगती है. शाम को यहां होनेवाला लेजर शो सरदार पटेल के जीवन की कहानी प्रस्तुत करता है.

इस शानदार पर्यटन स्थल पर एक दिन में 35 हजार सैलानियों के आने का रिकॉर्ड है. पिछले दिनों प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने दुनिया के 100 महान दर्शनीय स्थलों की सूची में इसे शामिल भी किया है. आप इसका टिकट ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं. स्टैच्यू का दर्शन आप हेलीकॉप्टर में बैठ कर ऊपर से भी कर सकते हैं. तकरीबन दस मिनट की इस राइड के लिए आपको 2,900 रुपये चुकाने होंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >