लंदन : ब्रिटेन की एक अदालत ने जमानत शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे को बुधवार को 50 सप्ताह की सजा सुनायी.
पिछले महीने लंदन की वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट अदालत ने 47 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे को ब्रिटेन की जमानत अधिनियम का उल्लंघन करने का दोषी पाया था. स्वीडन में यौन उत्पीड़न के एक मामले में मिली जमानत के बाद उन्होंने इक्वेडोर के दूतावास में 2012 से शरण ले रखा था. पिछले महीने इक्वेडोर ने और अधिक समय तक शरण देने से इनकार कर दिया था. साउथवार्क क्राउन कोर्ट में बुधवार को सजा सुनवाई के दौरान जज डेबोराह टेलर ने कहा कि जमानत उल्लंघन का इससे ज्यादा दूसरा कोई गंभीर मामला नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा, दूतावास में छुपकर आपने जानबूझ कर ब्रिटेन में रहते हुए खुद को पहुंच से बाहर किया. वहीं एक पत्र के माध्यम से असांजे ने अदालत में कहा कि उन्होंने खुद को बेहद कठिन परिस्थितियों में पाया था और वह उन लोगों से माफी मांगते हैं जो यह सोचते हैं कि मैंने किसी तरह उनका अनादर किया.
असांजे ने कहा, मैंने वही किया जो मुझे समय के हिसाब से सबसे अच्छा लगा या कह लें कि मैं वही कर सकता था. असांजे के वकील मार्क समर्स ने कहा कि विकीलीक्स में अपने काम की वजह से उनके मुव्वकिल असांजे अमेरिका प्रत्यर्पित किये जाने के डर से घिरे हुए थे. समर्स ने कहा, अमेरिका से मिल रही चेतावनियों ने बाकी सारी चीजों को पीछे छोड़ दिया. असांजे को जब जेल में ले जाया जा रहा था तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में मुट्ठी बंद करते हुए अपने समर्थकों की तरफ हाथ हिलाया जिस पर वहां बैठे लोगों ने उसी तरह हाथ हिलाया और अदालत की तरफ इशारा करते हुए शर्म करो चिल्लाया.
ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब अमेरिकी संघीय षडयंत्र से जुड़े आरोपों का सामना कर रहे हैं. यह मामला सरकारी गोपनीय दस्तावेजों के सबसे बड़ी लीक का है. असांजे लाइसेंस शर्त के तहत आधी सजा काटने के बाद ही पैरोल पा सकेंगे और यह उनके खिलाफ चलने वाले सुनवाई पर निर्भर करेगा.
