अविनाश, मेदिनीनगर : पलामू संसदीय क्षेत्र में कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था. इस संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चार दफा निर्वाचित होने का रिकार्ड कमला कुमारी (अब स्वर्गीय) के नाम है. आंकड़ों पर गौर करें, तो इस सीट से 1957, 1967, 1971, 1980 और 1984 में कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. 1966, 1971, 1980 और 1984 का आम चुनाव जीतने का रिकार्ड कमला कुमारी के नाम रहा.
कांग्रेस से रिकॉर्ड चार बार जीती थीं कमला कुमारी
अविनाश, मेदिनीनगर : पलामू संसदीय क्षेत्र में कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था. इस संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चार दफा निर्वाचित होने का रिकार्ड कमला कुमारी (अब स्वर्गीय) के नाम है. आंकड़ों पर गौर करें, तो इस सीट से 1957, 1967, 1971, 1980 और 1984 में कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज […]

दलगत दृष्टिकोण से देखे, तो पलामू संसदीय क्षेत्र पर 1957 से लेकर अब तक पांच दफा कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई है. जबकि चार बार भाजपा, दो दफा राजद, एक बार जनता दल के प्रत्याशी की जीत हो चुकी है. झामुमो के प्रत्याशी के रूप में कामेश्वर बैठा भी इस संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीत चुके है. कमला कुमारी ने 1967 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं. 1977 में सरकार विरोधी लहर में हार गयी थी.
इसके बाद हुए दो लोकसभा चुनाव में कमला कुमारी फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने में सफल रहीं. पलामू संसदीय सीट से एकीकृत बिहार के मुख्यमंत्री रहे रामसुंदर दास व बिहार के विधानसभा अध्यक्ष रहे उदयनारायण चौधरी भी भाग्य अाजमा चुके हैं.
यदपि चुनाव में दोनों को सफलता नहीं मिली. 1991 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने पलामू सीट पर अपना कब्जा जमाया. इसके बाद लगातार तीन चुनाव में भाजपा के ब्रजमोहन राम पलामू से सांसद चुने गये. 2009 के चुनाव में जेल में रहते हुए कामेश्वर बैठा ने जीत दर्ज की थी. इस चुनाव में कामेश्वर बैठा झामुमो, कांग्रेस और नवजवान संघर्ष मोरचा के संयुक्त प्रत्याशी थे. कामेश्वर बैठा की पृष्ठभूमि उग्रवादी संगठन से जुड़ी थी.
2007 में हुआ था उपचुनाव : पलामू में लोकसभा का एक उपचुनाव भी हो चुका है. 2004 में राजद के टिकट पर मनोज कुमार चुनाव जीते थे. लेकिन रिश्वत लेकर प्रश्न पूछने के मामले में जब उनकी सदस्यता चली गयी तो उसके बाद 2007 में उपचुनाव हुआ था. जिसमें राजद प्रत्याशी के रूप में घूरन राम ने जीत दर्ज की थी.