बर्लिन: संयुक्त राष्ट्र की भेदभाव विरोधी समिति ने उइगर मुस्लिम समुदाय के साथ चीन के बर्ताव पर चिंता जतायीहै.
दरअसल, उइगर समुदाय के लोगों को सामूहिक रूप से हिरासत में रखने की रिपोर्टें हैं. नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति ने जिनेवा में शुक्रवार को चीन की रिपोर्ट की समीक्षा करनी शुरू की. वहीं, चीनी प्रतिनिधिमंडल के नेता यू जिआनहुआ ने आर्थिक प्रगति के साथ ही बढ़ते जीवन स्तर का जिक्र किया.
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इस दौरन समिति की उपाध्यक्ष गे मैकडॉगल ने कहा कि समिति के सदस्य उन अनेक विश्वसनीय रिपोर्टों पर चिंतित हैं, जिनमें कहा गया है कि धार्मिक कट्टरपंथ को रोकने एवं सामाजिक स्थिरता को बनाये रखने के नाम पर (चीन) उइगर स्वायत्त क्षेत्र को ऐसे स्थान में तब्दील कर दिया गया है, जो कि किसी बड़े नजरबंदी शिविर की भांति प्रतीत होता है और बेहद गोपनीय है.’
उन्होंने कहा, ‘उइगर तथा अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को समुदायिक हिरासत में रखे जाने की रिपोर्ट हैं.’ मैकडॉगल ने कहा, ‘अनुमान है कि इन तथाकथित अतिवाद निरोधी केंद्रों में 10 लाख लोगों को रखा गया है. वहीं 20 लाख अन्य लोगों को तथाकथित पुनर्शिक्षण केंद्रों में भेजा गया है.’
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संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत यू ने कहा कि शुक्रवार को उठायेगये प्रश्नों का वह सोमवार के सत्र में जवाब देंगे.
