देवघर : सावन मेले की पहली सोमवारी आज है. इसको लेकर देवघर में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. सोमवार को जलार्पण के लिए रविवार शाम से ही कांवरिये कतार में लग गये थे. रात दो बजे तक कांवरियों की कतार चमारीडीह के करीब पहुंची गयी थी. सोमवार को सभी कांवरियों को जलार्पण कराना प्रशासन के लिए चुनौती होगी.
व्यवस्था दुरुस्त : कांवरिया पथ दुम्मा से लेकर खिजुरिया सहित रूट लाइन कुमैठा तक कांवरियों को कतारबद्ध कराने एवं उनकी सुविधा व सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम जिला प्रशासन द्वारा किया गया है. कांवरियों की सुरक्षा एवं सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार से ज्यादा पुलिस पदाधिकारी व जवान ड्यूटी पर लगाये गये हैं.
कांवरियों की भीड़ कुमैठा से आगे जाने पर प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में आगे के खुले मैदान में अतिरिक्त पंडाल का इंतजाम किया गया है. जिला प्रशासन द्वारा कतारबद्ध कांवरियों को क्यू काॅम्प्लेक्स, बीएड काॅलेज, नेहरू पार्क होते हुए फूट ओवरब्रिज एवं संस्कार मंडप के माध्यम से मंदिर में प्रवेश कराने का सख्त निर्देश दिया गया है.
हीलियम बैलून से मॉनिटरिंग : पूजा-अर्चना के लिए कतारबद्ध श्रद्धालुओं की कतार को एक से दो नहीं होने का भी निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिया गया है. दुम्मा प्रवेश द्वारा एवं मानसिंघी तट पर लगाये गये हीलियम बैलून से कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जायेगी. मानसिंघी तट पर बनाये गये इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के जरिये कांवरियों की सुरक्षा व सुविधाओं का क्लोज मॉनिटरिंग किया जायेगा.
रूट लाइन में दंडाधिकारियों के अलावा पुलिस के जवान लगाये गये हैं. होल्डिंग प्वाइंट बीएड कॉलेज में कांवरियों को कतारबद्ध करने के लिए सभी आवश्यक सुविधा उपलब्ध है. यही नहीं आपात स्थिति से निबटने के लिए तिवारी चौक, बीएड कॉलेज, नंदन पहाड़, कुमैठा में एम्बुलेंस सहित अग्निशमन दस्ता का इंतजाम किया गया है. कतारबद्ध कांवरियों के लिए रूट लाइन में प्रशासनिक एवं विभिन्न संस्थाओं की ओर से कांवरियों को फल, शरबत, पानी आदि वितरण की व्यवस्था की गयी है.
