वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर शिकंजा कसते हुए कहा कि अब उसे अमेरिका की ओर से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी जायेगी. ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को एक ट्वीट में कहा कि पिछले 15 वर्षों वह हमें बेवकूफ बना रहा है और अब तक 33 अरब डॉलर की आर्थिक मदद ले चुका है. अब आगे से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी जायेगी.
ट्रंप ने कहा, पाकिस्तान ने हमें सिर्फ झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं दिया, वह हमारे नेताओं को बेवकूफ समझता है. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का अपना पुराना आरोप दोहराते हुए कहा कि वह अपने मुल्क में उन आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराता है जिन्हें हम अफगानिस्तान में ढूंढ रहे हैं, लेकिन अब और बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के पूर्ववर्ती शासकों को भी निशाने पर लिया. ट्रंप इस समय फ्लोरिडा में मार-ए-लागो स्थित अपने रिजॉर्ट में हैं. वहां पर वह नववर्ष का जश्न मनाने के लिए गये हैं. वहीं से उन्होंने यह ट्वीट किया है.
इससे पहले भी इस मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन की ओर से पाकिस्तान को कई बार फटकार लगायी जा चुकी है. बीते साल भी अमेरिका ने पाकिस्तान को कई बार आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी. अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान को अपनी सरजमीं से संचालित होनेवाले आतंकी संगठनों के प्रति अपना रुख बदलना चाहिए और उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.
पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2017 में नयी अमेरिकी नीति की घोषणा की थी, जिसमें पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क पर शिकंजा कसने को कहा गया था. ट्रंप ने उस वक्त कहा था कि पाकिस्तान ने आतंक, हिंसा और अव्यवस्था के एजेंटों को अपने यहां शरण दे रखी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की घोषणा करते हुए पाकिस्तान की जमकर आलोचना की थी और कहा था कि हम पाकिस्तान को हर साल भारीआर्थिक मदद देते हैं. उसे हमारी मदद करनी होगी
इससे पहले, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने भी पाकिस्तान का दौरा कर आतंकवाद से लड़ने में पाकिस्तान के रवैये की आलोचना करते हुए सख्त नाराजगी व्यक्त की थी. सीआइए प्रमुख माइक पोंपियो ने भी पाकिस्तान को आतंकी पनाहगाहों पर एकतरफा कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी. इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने उन्हें पाकिस्तान को हल्के में लेकर एकतरफा कार्रवाई से परहेज तक करने की हिदायत दी थी.
