कर्मचारियों से भेदभाव को लेकर इंफोसिस के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा

बेंगलुरु: आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के एक पूर्व आव्रजन प्रमुख ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इसमें कंपनी पर गैर-दक्षिण एशिया क्षेत्र के कर्मचारियों से भेदभाव का आरोप लगाते हुए ज्यूरी से सुनवाई की मांग की गयी है. यह वाद इरिन ग्रीन ने टेक्सास के पूर्वी जिले की जिला अदालत में […]

बेंगलुरु: आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के एक पूर्व आव्रजन प्रमुख ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इसमें कंपनी पर गैर-दक्षिण एशिया क्षेत्र के कर्मचारियों से भेदभाव का आरोप लगाते हुए ज्यूरी से सुनवाई की मांग की गयी है. यह वाद इरिन ग्रीन ने टेक्सास के पूर्वी जिले की जिला अदालत में 19 जून को दायर किया गया. इसमें कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों वैश्विक आव्रजन प्रमुख वासुदेव नायक और कार्यकारी उपाध्यक्ष विनोद हंपापुर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये गये हैं. ग्रीन नायक को रिपोर्ट करते थे.

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इसके पहले वर्ष 2012 में इंफोसिस पर अमेरिकी वीजा की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था. उस समय कंपनी की याचिकाकर्ता, जैक पामर के साथ सुलह की कोशिश नाकामयाब रही थी. इंफोसिस ने खुद ये जानकारी दी थी. अमेरिका में मुकदमा शुरू करने से पहले सुलह कराने की परंपरा है. पूर्व इंफोसिस कर्मचारी जैक पामर का आरोप था कि इंफोसिस एच1बी वीजा की संख्या कम होने के बाद अपने कर्मचारियों को बिजनेस मीटिंग के नाम पर भेजती थी, जबकि इनका काम दूसरे इंफोसिस कर्मचारियों की तरह ही होता था. इतना ही नहीं, भारत से आये कर्मचारियों को इंफोसिस अमेरिकी हिसाब से काफी कम तनख्वाह देती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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