Navruna Case: पांच साल दस महीने बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल, पुलिस, CID और CBI भी नहीं खोज सकी कातिल

Navruna Case: बिहार के मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित नवरुणा हत्याकांड पर बातें बहुत हुई. खबरें चलाई गई, सीबीआई जांच भी हुई और क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल हो गया. पांच साल दस महीने की जांच में सीबीआई नवरुणा के हत्यारे को नहीं खोज पाई है.

Navruna Case: बिहार के मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित नवरुणा हत्याकांड पर बातें बहुत हुई. खबरें चलाई गई, सीबीआई जांच भी हुई और क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल हो गया. पांच साल दस महीने की जांच में सीबीआई नवरुणा के हत्यारे को नहीं खोज पाई है. बहुचर्चित केस को सोमवार को सीबीआई ने कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी है. अब बात करते हैं नवरुणा केस की. 18 सितंबर 2012 को नवरुणा का अपहरण हुआ था और 26 नवंबर 2012 को घर के सामने उसकी नाले में लाश मिली. सीआईडी के बाद सीबीआई की जांच शुरू हुई. इस मामले में सीबीआई ने 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. 250 से अधिक को नोटिस देकर कैंप और रीजनल ऑफिस में बुलाकर मामले में तफ्तीश की. सुराग नहीं मिलने के बाद 10 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >