Wrestlers vs WFI: मेडल लौटाने PMO जा रहीं विनेश फोगाट को पुलिस ने रोका, कर्तव्य पथ पर छोड़ा अर्जुन अवॉर्ड

विनेश ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा था, मुझे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार दिया गया था जिनका अब मेरी जिंदगी में कोई मतलब नहीं रह गया है. हर महिला सम्मान से जीना चाहती है. इसलिए प्रधानमंत्री सर, मैं अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार आपको वापस करना चाहती हूं.

कुश्ती में दंग जारी है. बृजभूषण सिंह मामले में विरोध जताते हुए महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अपना अर्जुन अवॉर्ड लौटा दिया है. बजरंग पुनिया के बाद विनेश दूसरी रेसलर हैं, जिसने अपना अवॉर्ड लौटाया है. दरअसल वह अपना अवॉर्ड PMO में वापस करने जा रहीं थीं, उसी समय उन्हें पुलिस ने रोक दिया. फिर विनेश ने विरोध जताते हुए अर्जुन अवॉर्ड को कर्तव्य पथ पर ही छोड़ दिया. इधर विनेश की अवॉर्ड वापसी पर बजरंग पूनिया ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, यह दिन किसी खिलाड़ी के जीवन में न आए. देश की महिला पहलवान सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं.

विनेश ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र

विश्व चैम्पियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट ने मंगलवार को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार प्रधानमंत्री को लौटाने का फैसला करते हुए पत्र लिखा था. उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा था, उनकी जिंदगी सरकार के उन फैंसी विज्ञापनों जैसी नहीं है जिनमें महिला सशक्तिकरण और उनके उत्थान की बात की जाती है.

सम्मान से जीने की राह में ये पुरस्कार हमारे ऊपर बोझ न बने: विनेश

विनेश ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में कहा था, मुझे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार दिया गया था जिनका अब मेरी जिंदगी में कोई मतलब नहीं रह गया है. हर महिला सम्मान से जीना चाहती है. इसलिए प्रधानमंत्री सर, मैं अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार आपको वापस करना चाहती हूं ताकि सम्मान से जीने की राह में ये पुरस्कार हमारे ऊपर बोझ न बन सकें.

2020 में विनेश को मिला था खेल रत्न

विनेश फोगाट को 2020 में भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न से सम्मानित किया गया था. इससे पहले उन्हें 2016 में अर्जुन पुरस्कार मिला था. विनेश से पहले ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और डेफलंपिक्स के चैंपियन वीरेंदर सिंह यादव ने अपने पद्मश्री पुरस्कार लौटा दिए थे.

बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में पहलवान कर रहे अवॉर्ड वापसी

पहलवानों ने इससे पहले मांग की थी कि बृज भूषण का कोई भी करीबी डब्ल्यूएफआई प्रशासन में नहीं होना चाहिए. चुनाव के बाद रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा की थी. बृजभूषण मामले को लेकर ही पहलवान अवॉर्ड वापसी में उतर गए हैं.

बृजभूषण के करीबी संजय सिंह बने थे भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष

संजय सिंह को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) का अध्यक्ष चुना गया था. बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय के गुट ने इन चुनाव में 15 में से 13 पद जीते थे. हालांकि खेल मंत्रालय ने फैसला करते समय अपने संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर नव निर्वाचित पैनल को निलंबित कर दिया था और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को कुश्ती के संचालन के लिए एक तदर्थ पैनल का गठन करने के लिए कहा था.

विनेश, पूनिया और साक्षी ने बृजभूषण पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का लगाया आरोप

विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने बृजभूषण पर कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था. उन्होंने इस साल के शुरू में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन भी किया था. यह मामला अब दिल्ली की अदालत में लंबित है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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