मोपेड से भी हल्की दुनिया की सबसे छोटी कार, मगर दाम पहाड़ जैसा

दुनिया की सबसे छोटी कार पी 50 को पहली बार 1965 में बनाई गई थी. इसके बाद 2010 में इसको एक बार फिर बनाया गया और बाजार में उतारा गया. अब पी 50 का निर्माण लंदन में किया जाता है.

Worlds smallest electric car: देश-दुनिया की कार कंपनी जब एसयूवी, एमपीवी, एक्सयूवी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कार बनाने में जुटी है, तो कुछ कंपनियां सबसे लंबी और सबसे छोटी कार बनाने में जुटी हुई हैं. दुनिया की सबसे लंबी कार अमेरिका के पास है, लेकिन दुनिया की सबसे छोटी कार भी है, जो साइज में मोपेड से भी छोटी है. इस छोटी कार को बनाने का श्रेय भी अमेरिका को ही दिया जाता है. आइए, जानते हैं दुनिया की सबसे छोटी कार के बारे में…

किसने बनाई दुनिया की सबसे छोटी कार

फ्लोरिडा के वेस्ट मैरीन स्थित वाहन निर्माता पील इंजीनियरंग कंपनी ने दुनिया की सबसे छोटी कार पी50 को बनाया है और इसके डिजाइन को एलेक्स ऑर्चिन ने तैयार किया है. दुनिया की सबसे छोटी कार की चौड़ाई 98 सेंटी मीटर और ऊंचाई 100 सेंटी मीटा है. कार का वजन किसी भी मोटरसाइकिल से काफी कम है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस छोटी कार का वजन महज 59 किलोग्राम है. इसके छोटे आकार की वजह से साल 2010 में इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी सबसे छोटी कार के तौर पर दर्ज किया गया है.

पहली बार कब बनी और क्या है कीमत

दुनिया की सबसे छोटी कार पी 50 को पहली बार 1965 में बनाई गई थी. इसके बाद 2010 में इसको एक बार फिर बनाया गया और बाजार में उतारा गया. अब पी 50 का निर्माण लंदन में किया जाता है. कंपनी ने अब इस कार का इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी लॉन्च कर दिया है. इसकी कीमत की बात की जाए तो ये करीब 84 लाख रुपये की कार है. इसके इलेक्ट्रिक वर्जन ई 50 को यूरोपियन बाजार में काफी पसंद किया जाता है.

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दुनिया की सबसे छोटी कार पील पी 50 में मोपेड से भी छोटा इंजन दिया जाता था. हालांकि, ये उसके साथ भी बेहतर परफॉर्म करती है. पील में 49 सीसी का टू स्ट्रोक इंजन है, जो 4.2 बीएचपी की पावर और 5 एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है. ये 3 स्पीड मैनुअल गियर बॉक्स के साथ आती है. कार की टॉप स्पीड करीब 61 किलोमीटर प्रति घंटे की है. वहीं, कार का माइलेज 80 किलोमीटर प्रति लीटर है.

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दुनिया की सबसे छोटी कार 59 किलोग्राम की है. यह कार काफी हल्की है. इस कार को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसका वजन काफी कम है. कार की बॉडी मोनोकॉक फाइबर ग्लास से बनी है. वहीं, इसके फीचर्स की बात की जाए, तो इसमें दो पैडल के साथ एक कंट्रोलिंग व्हील, गियर शिफ्टर और स्पीडोमीटर के अलावा और कोई फीचर नहीं है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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