कोलकाता : नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. पश्चिम बंगाल और केरल में एनआइए ने छापामारी कर आतंकी संगठन अलकायदा (Al-Qaeda) के नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए को पूछताछ में पता चला है कि ये आतंकी पाकिस्तानी आतंकी संगठन अलकायदा से ताल्लुक रखते हैं और इनकी योजना दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े ठिकानों पर एक साथ बड़ी आतंकी घटना (Terrorist Attack) को अंजाम देने की थी.
एनआइए ने आज सुबह देश के दो राज्यों पश्चिम बंगाल व केरल में छापामारी की बड़ी कार्रवाई की है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद एवं केरल के एर्नाकुलम में कई ठिकानों पर छापामारी की. इस दौरान एनआइए ने आंतकी संगठन अलकायदा के नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने अल-कायदा के जिन नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है उनमें से पश्चिम बंगाल से लेउ यीन अहमद और अबू सुफियान और केरल के मुशर्फ हुसैन व मुर्शीद हसन शामिल हैं. केरल से पकड़े गए आरोपियों का पुलिस ने कोरोना टेस्ट कराया है. कोरोना रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
शनिवार की सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने केरल के एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की कई जगहों पर छापामारी कर अलकायदा के नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. इनमें छह को बंगाल से और तीन को केरल से पकड़ा गया है. केरल से पकड़े गये आतंकियों में मुर्शीद हसन, याकूब विश्वास और मोसरफ हुसैन शामिल है. बंगाल से नजमूस साकिब, अबू सुफियान, मैनुल मंडल, ल्यू इयान अहमद, अल मामुन कमाल और अतीतुर रहमान को गिरफ्तार किया गया है.
एनआइए के अनुसार ये आतंकवादी देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे. इसकी भनक 11 सितंबर को ही एनआइए को लग गयी थी और वे इनके खिलाफ मुहिम में जुट गये थे. आतंकियों के कब्जे से डिजिटल उपकरण, धारदार हथियार, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक बनाने की सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये गये हैं. सूत्रों के अनुसार आतंकियों के कुछ सदस्य नयी दिल्ली भी जाने वाले थे, ताकि और हथियार खरीदने के लिए फंड जुटाया जा सके.
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने मालदह व मुर्शिदाबाद से आतंकियों की गिरफ्तारी पर राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कि पश्चिम बंगाल बारूद की ढेर पर बैठा है. बंगाल सरकार की उदासीनता के कारण पूरे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ गयी है. श्री घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है. राज्य के प्रत्येक जिले में कहीं न कहीं विस्फोट हो रहे हैं. सिमुलिया, पिंगला, कालियाचक, धूलागढ़ व खगड़ागढ़ में विस्फोट की घटनाएं घटी. राज्य सरकार इन्हें दबाने की कोशिश करती है. ऐसा कोई जिला बाकी नहीं है, जहां बम विस्फोट नहीं होते हों
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की सीमा पर लगभग 1000 किलोमीटर तक तार के बाड़ नहीं लगाने दिया गया. इस बाबत तात्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नबान्न में मुलाकात भी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपना पल्ला झाड़ लिया था, क्योंकि माकपा व तृणमूल नहीं चाहते हैं कि घुसपैठिये और रोहिंग्या का बंगाल में प्रवेश बंद हो. इससे उनका वोटबैंक प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि हाल में पांशकुड़ा में यूट्यूब देखकर टाइम बम बनाने की घटना सामने आयी है. ऐसी गतिविधि बंगाल में क्यों हो रही हैं ? कौन मदद दे रहा है ? उन्होंने कहा कि यह बिना सत्तारूढ़ दल की मदद के बिना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को आतंकी संगठन निशाना बनाते हैं और उन्हें प्रशिक्षण देते हैं. पश्चिम बंगाल में गरीबी है, लोगों के पास काम नहीं हैं. इस कारण लोग आतंकी गतिविधियों की ओर बढ़ रहे हैं.
राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों की मदद नहीं लेती है. थाना को जला दिया जाता है. बीएसएफ पर आक्रमण किया जाता है. राज्य सरकार को केंद्र सरकार से हाथ मिलाकर काम करना चाहिए. झारखंड व आंध्रप्रदेश में माओवादियों पर लगाम लगा है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए बंगाल में फिर से माओवादियों गतिविधियों को उकसाया जा रहा है. केंद्रीय एजेंसी सीबीआइ, इडी को काम करने से रोका जाता है.
कोलकाता पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआइ पूछताछ करने गयी, तो मुख्यमंत्री धरना पर बैठ गयीं. उन्होंने कहा कि पुलिस आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे गांजा केस में फंसा देती है. भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या होती है, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है.
Posted By : Guru Swarup Mishra
