लॉकडाउन के दौरान फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को रिमाइंडर भेजेगी पश्चिम बंगाल सरकार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengl) सरकार उन निजी स्कूलों को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) जारी करेगी, जिन्होंने Covid19 लॉकडाउन (Covid19 Lockdown) के मद्देनजर फीस (School Fee) नहीं बढ़ाने के राज्य के शिक्षा मंत्री के अनुरोध पर अनुकूल रूप से प्रतिक्रिया नहीं की है. स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengl) सरकार उन निजी स्कूलों को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) जारी करेगी, जिन्होंने Covid19 लॉकडाउन (Covid19 Lockdown) के मद्देनजर फीस (School Fee) नहीं बढ़ाने के राज्य के शिक्षा मंत्री के अनुरोध पर अनुकूल रूप से प्रतिक्रिया नहीं की है. स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.

Also Read: Coronavirus Pandemic: बंगाल में पेट्रोल पंपों पर ‘मास्क नहीं, तो पेट्रोल नहीं’ की व्यवस्था लागू

अधिकारी ने शनिवार को कहा कि इसके अलावा उन स्कूलों को भी नोटिस भेजा जायेगा, जो अभिभावकों से विकास शुल्क या स्टेशनरी शुल्क मांग रहे हैं. दरअसल, राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने आठ अप्रैल को सभी निजी स्कूलों से फीस नहीं बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा था कि उनके विभाग को संकट की इस घड़ी के दौरान फीस बढ़ाने को लेकर कई परिजनों की ओर से शिकायतें मिली हैं.

Also Read: Covid19 in West Bengal: ममता बनर्जी ने दिया ‘रेड जोन’ में सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने पर जोर

दो दिन बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की थी. इस विषय पर एक अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान कुछ निजी स्कूलों ने फीस बढ़ाने के फैसले को ठंडे बस्ते में डालने की घोषणा की, लेकिन कई अन्य स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी करते हुए कहा कि अभिभावक एक निश्चित अवधि के दौरान ‘नेट बैंकिंग’ के जरिये बढ़ी हुई फीस जमा कर दें.

Also Read: Covid19 Lockdown: जलपाईगुड़ी की जेल में हिंसक प्रदर्शन, कोलकाता में वामदलों के नेता हिरासत में

उन्होंने कहा, ‘फीस नहीं बढ़ाने वाले कुछ अन्य स्कूल अभिभावकों को मई तक विकास शुल्क या स्टेनशनरी शुल्क आदि का भुगतान करने के लिए कह रहे हैं. हालांकि, स्कूल 10 जून तक बंद रहेंगे.’

Also Read: कोलकाता में 21 माह के बच्चे में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि

अधिकारी ने कहा, ‘हम इन सभी घटनाक्रमों पर नजर बनाये हुए हैं और कई अभिभावकों से संपर्क भी कर रहे हैं. जरूरत पड़ी, तो हम हम संबंधित स्कूलों को स्मरण पत्र भी जारी करेंगे. इसके बाद हम आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे.’ हालांकि, अधिकारी ने उन स्कूलों का नाम बताने से इन्कार कर दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >