विश्व भारती के दलित छात्र के निलंबन पर शिक्षाविदों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
बोलपुर ,मुकेश तिवारी : विश्व भारती के एक पीजी दलित छात्र सोमनाथ सौ को विश्व भारती प्रबंधन द्वारा किए गए निलंबन के खिलाफ देश और विदेश के करीब 260 अकादमिक प्रोफेसरों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखा है. आरोप है कि छात्र को नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का सोशल मीडिया में समर्थन करने पर निकाला गया. प्रोफेसरों का आरोप है कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का समर्थन करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट के लिए प्रथम वर्ष के पीजी छात्र सोमनाथ सौ का निलंबन किया जाना अनैतिक है. प्रोफेसरों ने इसके खिलाफ विरोध जताया है. राष्ट्रपति को भेजे गए हस्ताक्षरकर्ताओं में कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद शामिल हैं. इनमें अमित भादुड़ी, सुनंदा सेन, सबुजकली सेन, सुप्रियो टैगोर, पी साईनाथ, जॉन हैरिस, प्रभात पटनायक, निवेदिता मेनन, जेन्स लेर्चे, जवाहर सरकार समेत अन्य कई महत्वपूर्ण लोग हैं. उन्होंने उक्त छात्र का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति को अपने हस्ताक्षर के साथ पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि सोमनाथ सौ को बिना किसी औपचारिक शिकायत के निलंबित कर दिया गया था और विश्व भारती ने कोई आरोप पत्र जारी नहीं किया था. इसके बावजूद, प्रॉक्टर ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, जो पूर्वाग्रह से ग्रसित कदम है.